बरेली: सितंबर के आखिर तक दूर हो सकता है लाल फाटक ओवरब्रिज का अंधेरा
ओवरब्रिज के बीच डिवाइडर पर लगने शुरू हुए लाइट पोल फांउडेंशन
बरेली/कैंट, अमृत विचार। रात में अंधेरे में रहने वाले लाल फाटक ओवरब्रिज के जल्द ही जगमग होने की उम्मीद बढ़ गई है। डीएम की ओर से समस्या का हल निकाले जाने के बाद सेतु निगम ने लाइटों काे लगाने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार से डिवाइडर पर लाइट पोल फांउडेशन बनने शुरू हो गए। सेतु निगम ने विभाग को धन आवंटन और ठेकेदार को एग्रीमेंट कराने के लिए पत्र लिखा है। सितंबर के आखिर तक ओवरब्रिज का अंधेरा दूर होने की उम्मीद है।
लालफाटक ओवरब्रिज को चालू हुए काफी समय गुजर चुका है लेकिन रात में अंधेरे में डूबा रहता है। लाइटों की देखरेख और बिजली बिल के भुगतान को लेकर कोई विभाग जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आ रहा था। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के प्रयास के बाद डीएम, सीडीओ ने भी मामले को गंभीरता से लिया और सेतु निगम के यांत्रिक डीपीएम देवम वर्मा से वार्ता कर इसका समाधान किया गया। डीएम ने क्यारा बीडीओ को जारी पत्र निर्देश देते हुए कहा था कि ओवरब्रिज पर लगने वाली लाइटों की देखरेख और बिल का भुगतान क्यारा ग्राम पंचायत से कराया जाए। इसके बाद से प्रक्रिया तेज हो गई है। सेतु निगम ने जिस कंपनी को ठेका दिया है उसने लाइट लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को ओवरब्रिज के डिवाइडर पर लाइट पोल फांउडेशन बनाने शुरू कर दिए हैं।
बड़े हादसे काे बढ़ावा दे रही अनदेखी
अंडरपास से कैंट की ओर चलकर पुल से नीचे उतरने के दौरान पास में ही एक बड़ा पोल लगा हुआ है, जिसकी चपेट में आकर राहगीर कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली है। वहीं दूसरी ओर अंडरपास में रेलवे की ओर उजाले की कोई व्यवस्था नहीं की गई है और न ही रिफलेक्टर लगाए गए हैं। ठेकेदार नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि डिवाइडर पर लाइट पोल फाउंडेशन बनाने शुरू कर दिए हैं।
ओवरब्रिज पर लाइटें लगवाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। धन आवंटन के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। ठेकेदार को एग्रीमेंट के लिए पत्र लिखकर दस्तावेज मांगे गए हैं। एक महीने में लाइटें लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा- देवम वर्मा, यांत्रिक डीपीएम सेतु निगम।
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