चित्रकूट : 35वें दिन कोर्ट ने दिया पीड़िता को न्याय, दुराचार के दोषी को दस साल की सजा 

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। शौच के लिए गई बालिका को संकुल भवन में ले जाकर दुराचार करने में दोषी युवक को घटना के दो माह के अंदर विशेष न्यायाधीश ने सजा सुनाई। दोषी को कोर्ट ने 10 वर्ष कठोर कारावास का दंड दिया। साथ में इसे 20 हजार रुपये अर्थदंड भी भुगतना होगा।  

विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप ने बताया कि सरधुआ थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह बहन की तबीयत खराब होने के चलते घर से बाहर गया था। जब 16 जून 2023 को लौटा तो उसे बताया गया कि उसकी पुत्री दादी- बाबा के यहां गई थी। 11 जून को वह शौच के लिए गई थी। इस दौरान रास्ते में सरधुआ थाना क्षेत्र निवासी शिवशंकर उर्फ निंदा पुत्र बिंदु यादव उसका हाथ पकडकर स्कूल के संकुल भवन में ले गया और वहां उसके साथ गलत काम किया। बताया कि मारपीट करने के बाद किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। 

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। एसपी वृंदा शुक्ला के निर्देश पर महिला उत्पीड़न के इस मामले में पुलिस टीम ने त्वरित गति से प्रभावी पैरवी की। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने गुरुवार को निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध शिवशंकर उर्फ निंदा को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा दी। साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड दिया। इस तरह अपराधियों के विरुद्ध न्यायालयों में की जा रही प्रभावी पैरवी के चलते आरोप पत्र दाखिल करने के मात्र 35 दिन के अंदर पीडिता को न्याय मिल गया।

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