सीओ जियाउल हत्याकांड: प्रतापगढ़ में सीबीआई ने डाला डेरा, दिनभर चली पूछताछ में पूछे कई अहम सवाल
प्रतापगढ़। सीओ जियाउल हक हत्याकांड से जुड़े तथ्यों की जांच करने सीबीआई बुधवार को घटनास्थल बलीपुर गई थी। वहां का दौरा करने के बाद गुरुवार को पुलिस लाइन पहुंची टीम ने गेस्ट हाउस में महोबा में तैनात इंस्पेक्टर मनोज शुक्ल (तत्कालीन हथिगवां थानाध्यक्ष) समेत तत्कालीन पुलिस कर्मियों समेत अन्य लोगों से दिन भर पूछताछ की।
कुंडा के बलीपुर में 2 मार्च 2013 को हुए इस कांड में पूर्व मंत्री, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की भूमिका की जांच का फिर से आदेश शीर्ष अदालत ने दिया है। कुंडा के सीओ रहे जियाउल हक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, वह उस रात हथिगवां के बलीपुर गांव में प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हालात को नियंत्रित करने गए थे। उनकी पिटाई के बाद गोलियां भी मारी गईं थीं।
हत्याकांड में रघुराज प्रताप समेत अन्य को साजिश में नामजद किया गया था। सीबीआई ने जांच के बाद रघुराज प्रताप व उस वक्त उनके करीबी रहे गुलशन यादव व कुछ अन्य को क्लीन चिट दे दी थी। इसके खिलाफ सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने कोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने घटना के एक आरोपी द्वारा जेल से लिखे गए पत्र को आधार बनाते हुए राजा भैया की भूमिका की जांच पुनः करने का आग्रह किया था।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से मिले आदेश पर सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम बुधवार को यहां पहुंची। आते ही साक्ष्य संकलन में जुटी गई। सीबीआई टीम मामले में पूछताछ के लिए लोगों को लेकर पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में आती रही और पूछताछ के बाद कब और कहां छोड़ा कोई जान भी नहीं सका। सूत्रों से पता चला कि सीबीआई टीम ने घटना वाली रात डिप्टी एसपी के साथ रहे पुलिस कर्मियों द्वारा हमला होने पर उनको छोड़कर चले आने का सवाल दागा। अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए गए।
मामले पर जानकारी देते हुए प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि हथिगवां कांड के मामले में सीबीआई टीम जांच कर रही है। किन लोगों से पूछताछ हो रही है। किससे क्या बात कर रही है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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