बरेली: नई तकनीक से तैयार होंगी गांव की बदहाल सड़कें

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार : जिले के गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जाने वाली सड़कें अब नई तकनीक एफडीआर (फुल डेप्थ रेक्लेमेशन) से बनाई जाएंगी। इसके लिए जिले के दो ब्लाॅक नवाबगंज और शेरगढ़ की चार सड़कों को शामिल किया गया है।

ग्रामीण अभियंत्रण विभाग चयनित सड़कों का निर्माण कराएगा, जबकि पहले केवल पीएमजीएसवाई विभाग ही अपनी सड़कों का निर्माण कराता था। अफसरों का कहना है पहले से चयनित सड़कें को पुराने तरीके से न बनाकर एफडीआर तकीनक से बनाने की तैयारी पूरी है। यह तकनीक जापान, नीदरलैंड समेत कुछ अन्य देशों में इस्तेमाल होती है। देश कुछ राज्यों में इस तकनीक से सड़कों का निर्माण हो रहा है।

एक्सईएन विनय कुमार के मुताबिक चयनित सड़कों का प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा, इस पर सहमति मिल चुकी है। वहीं, एफडीआर तकनीक से बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सड़क निर्माण में नई सामग्री की जरूरत नहीं होगी।

जापानी मशीन से उखाड़कर पुरानी सामग्री को फिर से उपयोग में लिया जाएगा। इसके अलावा इस तकनीक से बनने वाली सड़कों की लाइफ सामान्य सड़कों के मुकाबले अधिक होने के साथ ही खर्च में भी बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।

ये भी पढ़ें - बरेली: पोस्टमास्टर की जेब काटने की तीन महीने बाद दर्ज की रिपोर्ट

संबंधित समाचार