बरेली: भूख हड़ताल पर बैठे प्रधानाध्यापक, आश्वासन पर स्थगित...जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती सबको पता है। इत्तफाक से अपने अफसरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले सहासा प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक रहे रामगोपाल वर्मा ने विभागीय उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर भूख हड़ताल तब शुरू की, जब बुधवार को मुख्यमंत्री को भी शहर में पांच घंटे रहना है।

मुख्यमंत्री के खौफ ने अफसरों को बैकफुट पर ला दिया। रामगोपाल के खिलाफ की गई कार्रवाई रद्द करने का आश्वासन देकर भूख हड़ताल खत्म करा दी गई। हालांकि, भ्रष्टाचार के उनके आरोपों की जांच का मामला गोल कर दिया।

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रामगोपाल वर्मा के खिलाफ कार्रवाई के बाद अफसरों के खिलाफ कई दिन से एक के बाद एक संगीन आरोप उछल रहे थे। अवकाश से लेकर चयन वेतनमान तक के लिए शिक्षकों से रंगदारी की तरह वसूली करने के साथ सबसे गंभीर आरोप स्कूल की छात्रा से छेड़खानी करने वाले शिक्षकों को फिर उसी स्कूल में तैनाती दे देने का था।

अफसर यह भी जवाब नहीं दे पा रहे थे कि रामगोपाल की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी पर लगाए गए रिश्वत मांगने और भरी बैठक में उन्हें मारने के लिए जूता उतारने के आरोप की जांच कराए बगैर उन्हें एकतरफा निलंबित कर 50 किलोमीटर दूर दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर क्यों कर दिया गया। इसी कारण मंगलवार को रामगोपाल ने बीएसए कार्यालय के सामने अपनी बेटी के साथ सुबह दस बजे भूख हड़ताल शुरू की तो अफसरों की सांसें अटकनी शुरू हो गईं।

मुख्यमंत्री के आने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ रामगोपाल की भूख हड़ताल पर एलआईयू भी सक्रिय हुई। एलआईयू कर्मियों ने मौके पर छानबीन करने के बाद विभागीय अफसरों को सूचना दी तो इंस्पेक्टर बारादरी अमित पांडेय पहुंचे।

रामगोपाल वर्मा से पूछताछ के बाद प्रभारी बीएसए भानु शंकर गंगवार को मौके पर बुलाया। भानु शंकर गंगवार ने अपने उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद रामगोपाल को आश्वासन दिया कि उनकी तैनाती पास के ही स्कूल में कर दी जाएगी, उनकी वेतनवृद्धि पर लगाई रोक भी हटा ली जाएगी। इसके बाद पुलिस के समझाने पर रामगोपाल ने भूख हड़ताल स्थगित कर दी।

आरोपों की जांच न हुई तो फिर बैठूंगा भूख हड़ताल पर, मुख्यमंत्री से मिलूंगा
प्रधानाध्यापक रामगोपाल वर्मा को खंड शिक्षा अधिकारी पर रिश्वत मांगने और न देने पर उनका चयन वेतनमान रोकने का आरोप लगाने के बाद निलंबित किया गया था। महीने भर बाद उन्हें बहाल तो कर दिया गया लेकिन 50 किमी दूर के स्कूल में ट्रांसफर के साथ एक वेतनवृद्धि रोककर आरोप लगाने की सजा भी दे दी गई।

मंगलवार को भूख हड़ताल के दौरान भी अफसरों ने खंड शिक्षा अधिकारी पर लगाए आरोपों की जांच पर कुछ साफ नहीं किया। बोले, एडी बेसिक विनय कुमार ने बीएसए को जांच समिति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जांच नहीं हुई। रामगोपाल ने कहा कि अगर आरोपों की जांच कर कार्रवाई न की गई तो वे फिर भूख हड़ताल पर बैठेंगे, साथ ही मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे।

स्वास्थ्य कारणों से इन बीएसए संजय सिंह चिकित्सकीय अवकाश पर हैं। निलंबन-बहाली ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होती है। इस प्रकरण के बारे में विभागीय उच्चाधिकािरियों को भी अवगत करा दिया है। बीएसए के लौटने के बाद उनके सामने भी यह प्रकरण रखा जाएगा--- भानु शंकर गंगवार, प्रभारी बीएसए।

बीएसए कार्यालय पर प्रधानाध्यापक की भूख हड़ताल की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर बीएसए और प्रधानाध्यापक के बीच बात कराकर भूख हड़ताल खत्म करा दी है। बीएस कार्यालय से बताया गया है कि प्रधानाध्यापक की मांगें मान ली गई हैं--- अमित पांडे, इंस्पेक्टर बारादरी।

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