Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति कल, स्नान के लिए घाट तैयार, मंदिरों में होंगे खास आयोजन, खिचड़ी भोज की भी तैयारी

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में मकर संक्रांति 15 कल मनाई जा रही है।

कानपुर में मकर संक्रांति कल मनाई जा रही है। स्नान के लिए गंगा के घाटों पर तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन गंगा की धारा घाट से दूर होने की वजह से श्रद्धालुओं को सरसैया घाट पर काफी पैदल चलना पड़ेगा।

कानपुर, अमृत विचार। मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। स्नान के लिए गंगा के घाटों पर तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन गंगा की धारा घाट से दूर होने की वजह से श्रद्धालुओं को सरसैया घाट पर काफी पैदल चलना पड़ेगा। संक्रांति पर शहर में दो हजार से अधिक स्थानों पर खिचड़ी भोज की तैयारी की गई है। 

मकर संक्रांति पर्व पर इस बार राम होकर भक्त मनाने जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने बताया कि सरसैया घाट के पास 50 खिचड़ी भोज आयोजित होंगे। इनमें शामिल होने वाले लोगों से 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना पर घरों में दीपक जलाने का आह्वान किया जाएगा।

परमट, अटल घाट, सिद्धनाथ घाट सहित बिठूर में गंगा के घाटों पर पर्व को लेकर सफाई कार्य शुरू हो गया है। अटल घाट व ब्रह्मावर्त घाट पर खास सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। 

आचार्यों ने भ्रम किया दूर

मकर संक्रांति पर इस बार दो तिथियों को लेकर भ्रम रहा। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुसार द्विवेदी ने बताया कि संक्रांति तब शुरू होती है, जब सूर्य राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं। इस बार सूर्य 15 जनवरी की भोर 2 बजकर 54 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर रहें हैं | इसलिए 15 जनवरी सोमवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान करने का विधान है। मकर संक्रांति तिथि पर सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। इस दौरान प्रकाश में वृद्धि होती है। 

सुबह से शाम तक पुण्यकाल

पुण्यकाल 15 जनवरी को सुबह 7 बजे से शुरू होकर सूर्यास्त शाम को 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस बीच पूजन किया जा सकता है| मकर संक्रांति का महापुण्य काल सुबह 7 बजे से 8 बजकर 46 तक रहेगा। मकर संक्रांति पर  खिचड़ी दान की विशेष मान्यता है। दान का समय सुबह 7 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा।

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