रोडवेज बस के सभी पैसेंजर थे बिना टिकट, कंडक्टर निलंबित-बताई ये मजबूरी 

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ/हरदोई, अमृत विचार। एक, दो, तीन नहीं बल्कि पूरी बस में किसी यात्री ने टिकट लिया ही नहीं। ऐसा प्राइवेट बसों में दबंगई के बल पर तो मुमकिन है। लेकिन योगी सरकार में ऐसा हुआ है और वो भी सरकारी बस में। चौंकिए मत हमारी यूपी रोडवेज की जिला हरदोई से राजधानी लखनऊ के लिए बीते 14 फरवरी को चली कैसरबाग डिपो की बस में किसी यात्री को कंडक्टर ने टिकट दिया ही नहीं। चेकिंग के दौरान इस बात का जब खुलासा हुआ तो कंडक्टर ने कहा कि प्रिंट कर टिकट देने वाली मशीन ही ख़राब हो गई। इस पूरे मामले में कंडक्टर को निलंबित किया गया है और जांच की जा रही है।     

मिली जानकारी के अनुसार कैसरबाग डिपो की बस संख्या यूपी 78 एफएन 2651 पर बस कंडक्टर अवधेश कुमार और संविदा चालक की ड्यूटी थी। 14 फरवरी को यह बस हरदोई बस अड्डे से 52 यात्रियों के साथ रवाना हुई। इसमें 48 पुरुष और महिला यात्रियों के अतिरिक्त चार बच्चे सवार थे। हरदोई क्षेत्र के चेकिंग दलों ने बस अड्डे से सात किलोमीटर दूर छापेमारी की, जिसमें सभी यात्री बेटिकट पाए गए। हरदोई क्षेत्र की रिपोर्ट पर कैसरबाग डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कैसरबाग अरविंद कुमार ने क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी के निर्देश पर बस कंडक्टर को निलंबित करने का आदेश गुरुवार को जारी किया। वहीं संविदा चालक को बर्खास्त कर दिया गया।

बस कंडक्टर ने बताया कि उसने टिकट बनाने का प्रयास किया, लेकिन मशीन हैंग हो गई थी। इससे टिकट जारी नहीं हो सके। अधिकारियों के अनुसार मैनुएली भी टिकट बनाए जा सकते थे।

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