लखीमपुर खीरी: फिर विवादों में घिरा पूर्व मंत्री, मधुमिता की बहन को अमरमणि से खतरा

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Edited By Amrit Vichar
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कहा- रात घर के बाहर किया गया धमाका, कारतूस मिला, पुलिस कर रही मामले की जांच

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। लखीमपुर की कवियत्री मधुमिता हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी एक बार फिर आरोपों में घिर गए हैं। मोहल्ला हाथीपुर निवासी मधुमिता की बहन निधि शुक्ला का आरोप है कि सोमवार की तड़के उनके घर के बाहर तेज धमाका हुआ। उन्हें लगा कि बम का धमाका है। इससे वह डर गईं और दरवाजे बंद कर लिए। उन्होने अपनी जान का खतरा जताया है। 

उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बहन के कातिल पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया है। इससे नाराज अमरमणि त्रिपाठी ने ही उनके घर पर हमला करवाया है। उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। इस दौरान पुलिस को 32 बोर का कारतूस मिला है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अमरमणि की रिहाई के बाद से ही निधि शुक्ला अपनी जान को खतरा बता रही हैं।

शहर के मोहल्ला मिश्राना निवासी निधि शुक्ला ने बताया कि वह रविवार की रात अपने कमरे में सो रहीं थीं। सोमवार की तड़के करीब तीन बजे घर के बार जोर से धमाका हुआ। इससे वह काफी डर गईं और कमरे की कुंडी अंदर से लगा ली। इसके बाद गनर को फोन किया। गनर के आने पर उन्होंने दरवाजा खोला। तब तक मोहल्ले के भी तमाम लोग आ गए। उन्होंने गनर से यूपी 112 नंबर पर कॉल कराई। इस पर  यूपी 112 पुलिस और मिश्राना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। 

पुलिस के पहुंचने पर वह घर से बाहर निकलीं और एसपी गणेश प्रसाद साहा सहित अन्य उच्च अफसरों को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। घर पर लगी गारद से भी पूछताछ की, लेकिन कुछ भी साफ नहीं हो सका। सुबह सीओ सिटी रमेश कुमार तिवारी और प्रभारी निरीक्षक सदर अंबर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास देखा तो एक .32 बोर का जिंदा कारतूस मिला। अफसरों ने मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाई। टीम ने गहराई से जांच कर फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए। 

उधर निधि शुक्ला ने अमरमणि त्रिपाठी पर घर पर हमला करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि फायरिंग की गई है। सुरक्षा होने की वजह से हमलावर अंदर नहीं घुस पाए। निधि शुक्ला ने कहा कि उनका अमरमणि के अलावा और कोई दुश्मन नहीं है। वह जब से रिहा हुआ है। तब से उसके हौंसले बुलंद हैं। आज यानी सोमवार को उन्हें लखनऊ जाना था। यह बात कई लोगों को पता थी। उन्होंने घटना की तहरीर पुलिस को दी है।

यह है पूरा मामला
लखनऊ के निशातगंज स्थित पेपर मिल कॉलोनी में 9 मई 2003 को लखीमपुर शहर के मोहल्ला मिश्राना निवासी कवयित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या हुई थी। मधुमिता पेपर मिल कॉलोनी में अकेली रहती थी। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर गवाहों को धमकाने के आरोप लग थे। इस पर मुकदमा देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट को स्थानांतरित कर दिया गया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2007 को अमरमणि, मधुमणि, भतीजे रोहित चतुर्वेदी, प्रकाश पांडेय और शूटर संतोष राय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फिर जुलाई 2012 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी सीबीआई कोर्ट में सुनाई गई सजा को बरकरार रखा। हालांकि, अमरमणि और उसकी पत्नी मधुमणि करीब 20 साल सजा काटने के बाद 25 अगस्त 2023 को शासन के निर्देश पर समय से पहले ही जेल से रिहा किए जा चुके हैं।

यूपी 112 को सुबह करीब तीन बजे धमाका होने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। सुबह मौके से एक कारतूस बरामद हुआ है। फोरेंसिक टीम भी भेजी गई है। मामले की छानबीन की जा रही है-पवन गौतम, एएसपी पूर्वी।

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