हल्द्वानी: 5 महीनों से फाइलों में ही घूमता रहा कूड़ा निस्तारण प्लांट

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापुल के पास बने ट्रंचिंग ग्राउंड में प्रतिदिन कूड़ा बढ़ता जा रहा है लेकिन नगर निगम का कूड़ा निस्तारण प्लांट पिछले 5 महीनों से कागजों में हल्द्वानी व देहरादून ही घूमता रह गया। नगर निगम को कूड़ा निस्तारण के लिए एक निजी कंपनी का चयन करना है लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से अब तक मामला अधर में लटका है।

इधर, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) ने भी एक प्लांट लगाने की बात कही है लेकिन इसके निर्माण में उसे दो साल से ज्यादा समय लगेगा।

कूड़े के निस्तारण के लिए 5 महीने से कवायद चल रही थी लेकिन इस ओर लगातार देरी होती गई। नगर निगम के अधिकारियों को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले कंपनी का चयन कर लिया जाएगा लेकिन इससे संबंधित फाइल देहरादून में ही अटकी रही।

अब लोकसभा चुनाव के कारण टेंडर प्रक्रिया में और देरी होगी। निस्तारण कार्य रुके होने से ट्रंचिंग ग्राउंड में लगातार कूड़ा बढ़ता जा रहा है व वहां अब कूड़े के दो पहाड़ बन चुके हैं। इधर, गर्मियों का मौसम भी शुरू हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी न होने से कूड़े से बीमारियां फैलने और वहां आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका है।

निगम के अधिकारियों ने बताया कि ओल्ड लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निस्तारण के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर निकाला है, जिसमें तकनीकी निविदा पूरी हो चुकी है और अब वित्तीय निविदा की जानी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम हल्द्वानी-रुद्रपुर एसडब्ल्यूएम सोसाइटी में कई सदस्य हैं, जिनमें आपसी तालमेल न होने के चलते वित्तीय निविदा में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि इसमें 5 कंपनियों ने भाग लिया है, जिसमें से एक कंपनी का चयन किया जाना है।

बता दें कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने के बाद से ही कूड़ा निस्तारण की समस्या अभी तक सुलझ नहीं पाई है।  पिछले साल भी दिल्ली की एक कंपनी के साथ कूड़ा निस्तारण के लिए अनुबंध किया गया था। कंपनी ने करीब 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर भी दिया था लेकिन कुछ महीनों के बाद अनुबंध तोड़ दिया गया। इधर, कचरे का निस्तारण न होने से लोगों के लिए समस्या बनी हुई है। ट्रंचिंग ग्राउंड में हल्द्वानी के अलावा रामनगर, भवाली, नैनीताल से भी करीब 400 मीट्रिक टन कचरा पहुंचता है। 

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई, अब मतदान के बाद इसे पूरा कर लिया जाएगा।  
- डॉ. मनोज कांडपाल, स्वास्थ्य विभाग प्रमुख, नगर निगम


दो साल में तैयार होगा एनटीपीसी का प्लांट
ट्रंचिंग ग्राउंड में कचरा बढ़ने से नगर निगम ने उसके दो हिस्से कर दिए। ओल्ड लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही है। न्यू लीगेसी वेस्ट (नया कचरा) के निस्तारण के लिए नगर निगम ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनटीपीसी के साथ एक एमओयू किया है, जिसके तहत एनटीपीसी कचरे से चारकोल का निर्माण करेगा लेकिन इसके लिए प्लांट लगाने में उसे करीब दो साल का समय लगेगा। 

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