हल्द्वानी: नशे में चूर रोडवेज चालक, आंख बंद कर चला रहा था बस
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी डिपो से रोडवेज की बस में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले यात्रियों का हलक उस वक्त सूख गया, जब उनकी नजर बस चला रहे चालक पर पड़ी। हाथ में स्टेयरिंग थामे चालक की आंखें बंद थी और वह ड्राइविंग सीट पर बैठा दायें-बायें झूम रहा था। इसके बाद बस में हंगामा शुरू हो गया। अंतत: गजरौला के एक ढाबे पर बस को रुकवाया गया। तब जाकर 52 यात्रियों की जान में जान आई।
हल्द्वानी डिपो की बस संख्या यूके 06 पीए 1697 रविवार की सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर आनंद विहार दिल्ली को रवाना हुई। बस शाम लगभग 5 बजे गजरौला से पहले पहुंची थी। बस चलाने के तरीके से लोगों को चालक की गतिविधि ठीक नहीं लग रही थी। लोगों की नजर चालक पर पड़ी तो उन्होंने पाया कि चालक की आंख बंद है और वह झूमकर बस चला रहा है। यह देखकर लोगों के होश उड़ गए। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया और चालक से बस रोकने के लिए कहा।
इस पर चालक लोगों से उलझ गया। परिचालक के समझाने पर बस को कुछ दूरी पर स्थित ढाबे पर रोका गया। गनीमत रही कि यात्रियों की सतर्कता से बस को दुर्घटना का शिकार होने से पहले रुकवा लिया गया। सही प्रबंधन न होने के कारण परिवहन निगम की छवि पहले भी कई बार धूमिल हो चुकी है। इस बार मामला कुछ अलग है।
फ्लाइट छूटने के डर से पकड़ी दूसरी बस
हल्द्वानी : बस में सवार एक यात्री ने बताया कि शराब के नशे में चालक बहुत ही धीमी गति से बस चला रहा था। सुबह 11 बजे चली बस 6-7 घंटे बाद भी दिल्ली नहीं पहुंची। बस में सवार एक अन्य यात्री को दिल्ली से फ्लाइट पकड़नी थी। चालक की लापरवाही के कारण बहुत देरी होने से उसे मजबूरन दूसरी बस में यात्रा करनी पड़ी।
जितने समय में दिल्ली पहुंचना था, उतने में गजरौला पहुंचा
हल्द्वानी : हल्द्वानी डिपो से दिल्ली पहुंचने में एक बस को लगभग 6 घंटे लगते हैं, अगर जाम न मिले तो। वैसे आजकल जाम है भी नहीं। इसी तरह हल्द्वानी से गजरौला पहुंचने में सिर्फ 4 घंटे लगते हैं, जहां से दिल्ली सिर्फ दो घंटे की दूरी पर रह जाती है। अब जितना वक्त चालक ने गजरौला पहुंचने में लगा दिया, उतने वक्त में बस दिल्ली पहुंच जाती, अगर चालक होश में होता।
चालक की निगरानी में बैठा रहा परिचालक
नशे में धुत चालक बस को बेहद धीमी गति से चला रहा था। लोगों को समय से दिल्ली पहुंचना था। लोगों ने आपत्ति की, तब पता लगा कि चालक शराब के नशे में चूर है। हंगामा हुआ तो बस रोक दी गई। परिचालक ने लोगों से गुजारिश की कि ढाबा थोड़ी दूर पर है, बस वहां तक जाने दी जाए। जिसके बाद परिचालक खुद चालक की निगरानी में बैठा और बस आगे बढ़ी।
सूचना मिलने पर परिचालक को चालक के नशे में होने और बस चलाने की स्थिति में नहीं होने पर बस को मौके पर ही खड़े करने के निर्देश दिए। बाद में बस को रवाना कर दिया गया था।
-सुरेंद्र सिंह बिष्ट, एआरएम, हल्द्वानी डिपो
