पीलीभीत: अयोध्यापुरम के लोगों को सता रही घर बचाने की चिंता, निजी खर्च पर शुरू कराए काम...नासूर बना नाला निर्माण 

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: टनकपुर हाईवे से सटी अयोध्यापुरम कॉलोनी की एक हजार आबादी की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभी कुछ समय पहले ही साफ सफाई न होने पर बीमारियों का डर सता रहा था। इसका नगर पालिका के स्तर से समाधान करा दिया गया, लेकिन बीते डेढ़ माह से विकास कार्य के नाम पर कराए जा रहे नाले के निर्माण ने कॉलोनी वासियों की चिंता बढ़ा दी है। 

काम की सुस्त चाल के बीच आवाजाही की दिक्कत तो है ही। वहीं आरोप है कि ठेकेदार की ओर से मानकों को दरकिनार कर गुणवत्ताविहीन नाला तैयार कराया जा रहा है।जिससे हो रहा पानी का रिसाव मकानों में सीलन बढ़ा रहा है। आने वाले सालों में मुसीबत और न बढ़ जाए। इसे लेकर हर कोई चितिंत है। कुछ ने तो निजी खर्च पर अपने मकानों को सुरक्षित कराने के लिए काम भी शुरू करा दिया है।  इसकी मौखिक रूप से एडीएम से शिकायत भी कर दी गई है और अब लिखित शिकायत देने का मन बना लिया है।  

शहर की मुख्य समस्याओं में से एक है जलभराव।  मामूली बारिश होते ही सड़कों पर जलभराव हो जाता है।  इसका समाधान कराने के लिए नगर पालिका की ओर से नये नालों का निर्माण कराया जा रहा है।  इसी क्रम में टनकपुर हाईवे पर नेहरू पार्क के सामने स्थित अयोध्यामपुरम कॉलोनी में भी नया नाला बन रहा है।  बताते हैं कि इस पर 18 अप्रैल को काम शुरू करा दिया गया था।  इस नाला निर्माण कार्य की शुरुआत हुई और कॉलोनी वासियों की आफत बन गई है।  

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण कराने के लिए बेतरतीब तरीके से खुदाई करा दी गई। कइयों के चबूतरे तोड़ दिए गए तो किसी के घरों की पानी को लेकर कराई गई बोरिंग ही इसकी भेंट चढ़ गई। वाहन घरों से निकालने का भी मौका नहीं दिया और फंसकर रह गए। जिससे रोजमर्रा के कामकाज भी खासा प्रभावित हो रहे हैं। खैर, उसके लिए तो पटले बल्लियां डालकर लोगों ने वैकल्पिक समाधान करते हुए रास्ता तैयार कर लिया। उन्हें लगा था कि नाला निर्माण होगा तो कॉलोनी का विकास ही होगा।  मगर , अब इस कार्य की स्थिति को देखते हुए आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

लोगों की मानें तो ठेकेदार की ओर से जमकर मनमानी की जा रही है।  नाला आढ़ा-तिरछा निकाला जा रहा है। निर्माण कार्य में सामग्री भी मानकों के अनुरूप नहीं इस्तेमाल की जा रही है। जिससे उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नाला निर्माण को उठाई गई दीवार से पानी का रिसाव तेजी से हो रहा है। जिससे घरों में सीलन होना अभी से शुरू हो गई है। उनका कहना जब नाला बनकर तैयार हो जाएगा, फिर तो और दिक्कत होगी। 

इसके लिए कईयों ने अपने घरों के निचले हिस्से में कामकाज निजी खर्च पर शुरू करा दिया है। ताकि सीलन की समस्या से बचा जा सके।  रविवार को एकजुट होकर कॉलोनी के लोगों ने नाला निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को लेकर विरोध जताया।  प्रशासन से यह मांग की गई कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का आकलन करें और फिर नियमानुसार मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य कराया जाए। ताकि विकास के इस कार्य का लाभ धरातल मिले न कि कॉलोनी वासियों की मुसीबत बढ़ जाए।

दरारों से रिसकर पानी नाले के बाहर भी जमा, कैसी गुणवत्ता
करीब 500 मीटर तक हो रहे इस नाला निर्माण का कुछ हिस्सा बना जा चुका है।  उसमें पानी भी भरा है। मगर नाले में बनाई गई दीवार से पानी का रिसाव भी हो रहा है। जिससे नाले के दोनों तरफ पानी बाहर ही जमा हो रहा है। कॉलोनी वासियों का कहना है कि फिर नाला बनाने का फायदा ही क्या? कुछ दिन पहले एक प्लाट में पानी भर गया था। जिसका विरोध किया गया तो ठेकेदार ने पहुंचकर उस पर मिट्टी डालकर पटान करा दिया। उनका कहना है कि सीमेंट का इस्तेमाल भी कम हो रहा है।  सरिया भी मानकों के अनुरूप नहीं डाली जा रही है।

बिजली भी कॉलोनी के लोगों के घरों से हो रही इस्तेमाल!
नाला निर्माण में खामियों को बयां करते हुए लोगों ने कई संगीन आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि घरों से बाहर निकलने का रास्ता भी नहीं दिया गया। उसकी व्यवस्था खुद ही करनी पड़ी है। इसके अलावा नाला निर्माण कार्य में जनरेटर लाने के बजाय ठेकेदार के कर्मचारी लोगों के घरों की ही बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं।  

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