अल्मोड़ा: ताना कनपटी पर तमंचा, मचाया उत्पात...फिर निकला जुलूस तब पुलिस ने लिया हिरासत में

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। दुकान से लौट रहे व्यापारी पर पहले तमंचा ताना फिर उसे पकड़ जमकर पीटा, इसके बाद भी दिल नहीं भरा तो एक धार्मिक स्थल के पास पहुंचकर जमकर बवाल काटते हुए एक अन्य युवक को पीटा और लोगों को जान से मारने की धमकी दी।

इस घटना से पूरे क्षेत्र के लोग डरे रहे। वहीं आज कोतवाली पहुंच जब लोगों ने हंगामा काटा तो पुलिस की नींद खुली और आनन-फानन में पुलिस ने कुछ युवकों पर केस दर्ज कर छह ज्ञात युवकों को गिरफ्तार किया जबकि कुछ अज्ञात युवकों की खोजबीन में जुटी है।

नगर भर शनिवार देर रात कुछ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। खजांची मोहल्ले में दुकान से घर लौट रहे व्यापारी दीपक वर्मा की कनपटी पर तमंचा तान दिया और उसे घेरकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद युवक कारखाना बाजार पहुंचे और स्थानीय युवक हर्षित तिवारी को घेरकर उसे बुरी तरह पीट दिया। नगर से दो किमी दूर एनटीडी पहुंचकर दो लोगों की जमकर धुनाई कर दी। 

युवक इसके बाद भी शांत नहीं हुए और फिर से कारखाना बाजार पहुंचकर एक धार्मिक स्थल और उसके आसपास भवनों में तोड़फोड़ करते हुए लोगों को बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। ऐसे में लोग उनके खौफ से बाहर नहीं निकले और घरों में दुबके रहे।

युवक बाइक और स्कूटी से गालीगलौज करते हुए नगर की गलियों और सड़कों पर फर्राटा भरते रहे और पुलिस सोती रही। दूसरे दिन पीड़ितों के साथ एक समुदाय के लोग जुलूस निकालते हुए कोतवाली पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। 

लोगों के आक्रोश को देखते हुए हरकत में आई पुलिस ने नगर निवासी तपन साह, हिमांशु बिष्ट, शिवम कुमार के साथ ही तीन नाबालिग सहित छह ज्ञात आरोपियों के साथ ही अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सभी आरोपियों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। 

हैरानी है कि पुलिस ने घटना को हल्के में लिया और पीड़ितों की सुध नहीं ली। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने में भी घंटों लग गए। जब आक्रोशित लोग कोतवाली पहुंचे तो तब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और उनकी खोजबीन शुरू हुई। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस हमेशा नगर के लोगों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त के दावे करती है। बीती रात युवक नगर के विभिन्न हिस्सों में उत्पात मचाते हुए दहशत फैलाते रहे लेकिन किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी। रात्रि गश्त में तैनात पुलिस कर्मी कहां थे यह कोई नहीं जानता। ऐसे में नगर के लोगों में पुलिस के खिलाफ खासा आक्रोश है। इधर एसएसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि पीड़ितों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कुछ की तलाश जारी है।

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