Banda: बजट से पहले समाजवादी व्यापार सभा ने किया प्रदर्शन; व्यापारियों की परेशानियों का किया जिक्र, वित्त मंत्री के सामने उठाई ये मांगे...

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बांदा, अमृत विचार। केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद भाजपा 23 जुलाई को अपना पहला आम बजट पेश करने जा रही है। बजट के ठीक पहले विपक्षी दलों ने भी कमर कस ली है। विपक्षी दलों ने बजट में अपनी मांगों को शामिल कराने के लिए प्रदर्शन और केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन देने की कवायद शुरू कर दी है। 

इस क्रम में आज बुंदेलखंड के जिले बांदा में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की व्यापार सभा ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है। समाजवादी पार्टी ने व्यापारी वर्ग के लिए तमाम परेशानियों का जिक्र करते हुए जीएसटी, नोटबंदी, अनियोजित लॉकडाउन और व्यापारी विरोधी कानूनों का मुद्दा उठाया है।  

इसके साथ ही समाजवादी व्यापार सभा ने ऑनलाइन व्यापार के लिए रेगुलेटरी एक्ट बनाने, ऑनलाइन व्यापार से खुदरा व्यापार को बचाने के लिए ऑनलाइन व्यापार पर अतिरिक्त टैक्स/सरचार्ज लगाए जाने और ऑनलाइन की जीएसटी दर 5% से बढ़कर 28% करने की मांग की है। 

इसके साथ ही एमएसएमई के अंतर्गत आने वाले 50 लाख से एक करोड़ तक के सूक्ष्म उद्योग और 50 करोड़ या इससे ऊपर के बड़े उद्योग के लिए नियम एक समान करने पर सवाल खड़े किए हैं। व्यापार सभा की ओर से व्यापारियों के लिए मेडिक्लेम की सुविधा, पेट्रोल डीजल को जीएसटी के तहत लाये जाने समेत 13 सूत्रीय मांग पत्र वित्त मंत्री को भेजा गया है। 

इस मामले में सपा विधायक विशंभर यादव का कहना है कि समाजवादी फ्रंटल संगठन समाजवादी व्यापार सभा की ओर से यह मांग पत्र दिया गया है कि जीएसटी समेत व्यापारियों पर होने वाली तमाम कठिनाई व परेशानियों को ध्यान में रखते हुए 13 सूत्रीय मांगों को बजट सत्र के दौरान पेश होने वाले बजट में शामिल किया जाए ताकि व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं का हित सुरक्षित हो सके। 

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