लोहाघाट: सैन्य सम्मान के साथ किया बीएसएफ जवान का अंतिम संस्कार

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लोहाघाट/चम्पावत, अमृत विचार। गुजरात के कच्छ में भारत-पाकिस्तान बार्डर पर अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन के चलते ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बीएसएफ के हवलदार दयाल राम का अंतिम संस्कार सोमवार को स्थानीय ऋषेश्वर घाट में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। जवान के पार्थिव शरीर को सोमवार दोपहर उनके पैतृक घर पाटन पाटनी लाया गया। तिरंगे में लिपटे शव को देखकर स्वजनों में चीख-पुकार मच गई। 

49 वर्षीय हवलदार दयाल राम बीते शुक्रवार को गुजरात के कच्छ में भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बार्डर में पेट्रोलिंग कर रहे थे। अत्यधिक गर्मी व डिहाइड्रेशन के कारण उनकी मौत हो गई। हवलदार दयाल राम का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पत्नी ममता देवी शव से लिपटकर बेहोश हो गई।

हवलदार दयाल के तीन बच्चे हैं सबसे बड़ी बेटी मुस्कान 20, छोटी बेटी मल्लिका 19 और सबसे छोटा बेटा प्रियांशु 16 साल का है। तीनों बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। शव को अंतिम संस्कार के लिए ऋषेश्वर घाट ले जाया गया। पार्थिव शरीर के साथ आई बीएएसएफ  की टुकड़ी ने सलामी दी।

श्मशान घाट में बीएसएफ के कमांडेंट एमके नेगी, आइटीबीपी के कमांडेंट धर्मपाल सिंह रावत, प्रशासन की ओर से तहसीलदार जगदीश नेगी, थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने पुष्प चक्र अर्पित किए। पैतृक गांव से पार्थिव शरीर के साथ उमड़ी भीड़ ने जब तक सूरज चांद रहेगा दयाल तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए।
 

चिता को मुखाग्नि उनके बड़े भाई दीवान विश्वकर्मा, नवीन विश्वकर्मा ने दी। इस दौरान सचिन जोशी, चांद बोहरा, प्रकाश सिंह बोहरा, मोहन चंद्र पाटनी, सुभाष विश्वकर्मा, उमेश कालाकोटी, राकेश पंगरिया, विवेक ओली, पार्थिव शरीर के साथ आए बीएसएफ  के जवान जोगेंद्र सिंह, विजय सिंह, वीरेंद्र, कुलदीप, सोनू सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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