Sambhal News : नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया

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Edited By Amrit Vichar
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अदालत ने दोषियों पर  9-9 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, 28 जनवरी 2023 को संभल के थाना कैला देवी क्षेत्र के गांव में हुई थी घटना

सजा के बाद पॉक्सो एक्ट के दोषियों को जेल ले जाती पुलिस।

चन्दौसी, अमृत विचार। अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 9-9 हजार रुपये के अर्थदण्ड  से दण्डित किया है।  संभल के थाना कैला देवी क्षेत्र के एक गांव में 28 जनवरी 2023 को दो लोगों ने नाबालिग से ईख के खेत में दुष्कर्म किया था।

थाना कैला देवी क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के भाई ने सात फरवरी 2023 को थाना कैला देवी पुलिस को तहरीर दी थी।  कि 28 जनवरी 2023 को उसकी 15 वर्षीय बहन खेत में चारा लेने गई थी। उसी दौरान राजू पुत्र श्रीपाल व सुरेंद्र उर्फ सुलेंद्र पुत्र राजवीर निवासी गांव मढ़ावली थाना कैला देवी वहां आए और उसकी बहन के साथ अश्लील हरकतें करते हुए छेड़छाड़ की। इसके बाद तमंचा दिखा कर ईख में ले गए, जहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो खींचकर वायरल कर दिए। जब पीड़िता देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजन तलाश करते खेत पर पहुंचे। वहां ईख के खेत में पीड़िता पड़ी मिली। घर आकर पीड़िता ने आपबीती बताई।

पीड़िता के भाई का कहना है कि लोकलाज के कारण उसने किसी को घटना नहीं बताई। आपत्तिजनक फोटो वायरल होने के बाद थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर राजू और सुरेंद्र उर्फ सुलेंद्र के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने साक्ष्यों को जुटा कर 10 अप्रैल 2023 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। तब से मुकदमा न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप एण्ड पॉक्सो एक्ट) संभल स्थित चन्दौसी के यहां विचाराधीन था।

अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर अदालत में दलीलें पेश कीं। मंगलवार को मुकदमे पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने राजू व सुरेंद्र उर्फ सुलेंद्र को दोषी करार देते हुए धारा 5(जी)6 पॉक्सो एक्ट सपठित धारा 376डी आईपीसी में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास व आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड की धनराशि अदा न करने पर प्रत्येक को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 323 आईपीसी में एक-एक वर्ष के कारावास एव एक-एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।  अर्थदण्ड की राशि पीड़िता को पुर्नवास हेतु दी जाएगी। 

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