हल्द्वानी: बड़ा बेटा मांग रहे थे ससुराली, पत्नी के षड्यंत्र में फंसा फौजी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। फौजी के लुटेरा बनने के पीछे एक और कहानी सामने आई है। फौजी भूपेंद्र का कहना है कि सारा किस्सा उसके बड़े बेटे से शुरू हुआ, जिसे ससुराली हथियाना चाहते थे और वह बेटे को अपने पास रखना चाहता था। 
 भूपेंद्र का कहना है कि नौकरी के दौरान हल्द्वानी में पत्नी के साथ उसके माता-पिता भी रहते थे।

उसका बड़ा बेटा यूकेजी में पढ़ता है और छोटा बेटा छह माह का है। सेवानिवृत्ति के बाद भूपेंद्र घर लौटा तो ससुरालियों ने अलग रहने का मन बना लिया, लेकिन वह बड़े बेटे को अपने साथ रखना चाहते थे। पत्नी इसके लिए राजी थी, लेकिन भूपेंद्र नहीं माना। आरोप है कि इसी के बाद पत्नी ने ससुरालियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया और इसके सुबूत भी उसके पास हैं।

बड़ा बेटा ससुरालियों के सुपुर्द नहीं किया तो बीती चार अप्रैल को पत्नी, बच्चों समेत घर छोड़ कर चली गई। 21 जुलाई को कोर्ट से सम्मन भेजकर 25 हजार एक मुश्त और 15 हजार प्रतिमाह खाना-खर्चा मांग लिया। जबकि उसे 21 हजार महीना पेंशन मिलती थी। उसमें से 14 हजार रुपये लोन के कट जाते थे। शेयर मार्केट में पैसे लगाकर वह कंगाल हो चुका था। सम्मन से डरे भूपेंद्र के सामने परेशानी खड़ी हो गई। खाना-खर्चा नहीं देने पर जेल जाने का डर सताने लगा और अंत में उसने लूटने की योजना बनानी शुरू कर दी।

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