बरेली गोलीकांड: विवादित प्लॉट पर फिर कब्जा करने की कोशिश?, SSP ने भेजी पुलिस

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: पीलीभीत बाईपास पर विवादित प्लॉट की सफाई कर निर्माण की जानकारी मिलने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने मंगलवार शाम फोर्स भेजकर जांच कराई। पुलिस ने राजीव राणा और उसके भाई के घरों पर भी दबिश दी लेकिन दोनों नहीं मिले। एसएसपी ने एएसपी को दो इंस्पेक्टरों की भूमिका की जांच का आदेश दिया है।

22 जून की सुबह पीलीभीत बाईपास पर प्लाॅट पर कब्जे को लेकर आदित्य उपाध्याय और राजीव राणा पक्ष में जमकर गोलियां चली थीं। पुलिस ने केपी यादव, धनुष उर्फ गुर्गा, गोला घोसी, रोहित ठाकुर, ललित सक्सेना और सुभाष लोधी समेत 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में इज्जतनगर थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। पिछले महीने पुलिस ने गोलीकांड के 35 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 

चर्चा है कि आरोपियों के जमानत पर बाहर आने पर एक नेता ने दोनों पक्षों की लंबी बैठक कराकर भारी नुकसान का हवाला देते हुए दोनों पक्षों में समझौता कराया। इसके बाद विवादित प्लॉट पर एक पक्ष ने रातोंरात वहां सफाई भी शुरू करा दी। इसकी जानकारी एसएसपी को हुई तो उन्होंने मंगलवार को मौके पर टीम भेजी। पुलिस ने अपराधियों के सत्यापन के तहत राजीव राणा और संजय राणा के घरों पर भी दबिश दी। गैंगस्टर में देरी को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य ने मौजूदा और वर्तमान इंस्पेक्टर की लापरवाही की जांच एएसपी देवेंद्र कुमार को दी है।

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