मंगेतर ने लिखाया झूठा मुकदमा, 8 साल बाद प्रोफेसर दोषमुक्त

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हल्द्वानी, अमृत विचार : मेट्रोमोनियल साइट से तय हुई शादी, शादी के दो दिन पहले ही टूट गई। होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी ने अपने होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 8 साल से अधिक समय तक मुकदमा चला और अंत में कोर्ट ने प्रोफेसर को दोषमुक्त कर दिया। 

मामला 13 मार्च 2017 का है। दमुवाढूंगा काठगोदाम निवासी रागिनी मंड्रेले ने काठगोदाम पुलिस को तहरीर देते हुए कहा था कि देहरादून निवासी सुरेंद्र कुमार और उनकी बेटी अल्फा मंड्रेले की शादी मेट्रोमोनियल साइट से शादी तय हुई थी। शादी 15 मार्च 2017 को होनी थी। तब सुरेंद्र सहायक प्राध्यापक के पद पर तैनात थे और अल्फा भी असिस्टेंट प्रोफेसर थी। आरोप था कि सुरेंद्र ने शादी के दो दिन पहले उसकी बेटी अल्फा से फोन पर अभद्रता करते हुए उसके चरित्र पर लांछन लगाया और 10 लाख रुपए दहेज की मांग की। 

जिसे देने में मंगेतर ने आपत्ति जताई तो सुरेंद्र ने रिश्ता तोड़ने की धमकी दी थी। इससे आहत होकर पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा और सहायक प्राध्यापक के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के मामले में मुकदमा कराया। अभियोजन पक्ष ने अपराध सिद्ध करने के लिए 8 गवाहों को पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय विशाल गोयल की अदालत ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने की बात कह अभियुक्त सुरेंद्र कुमार को दोषमुक्त कर दिया। अभियुक्त की ओर से एडवोकेट रविंद्र राजीव बिष्ट और बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजन सिंह मेहरा ने पैरवी की।

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