कासगंज: 'सरकार की तानाशाही को देश का अधिवक्ता नहीं करेंगे बर्दाश्त'
न्यायालय सहित तीनों तहसीलों पर न्यायिक कार्यो से विरत रहे अधिवक्ता
कासगंज, अमृत विचार। मंगलवार को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश व कासगंज बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में न्यायालय सहित तीनों तहसीलों के अधिवक्ता न्यायिक कार्यो से विरत रहे। उन्होंने सरकार द्वारा लागू किए जा रहे अधिवक्ता संसोधन बिल 2025 को वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया।
न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि सरकार प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल 2025 लाकर अधिवक्ताओं के साथ-साथ दबे, कुचले, शोषितों, मजलूमों, पीड़ितों, गरीबों की आवाज को भी दबाना चाहती है, देश का अधिवक्ता सरकार को अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगा। सरकार की तानाशाही देश का अधिवक्ता बर्दाश्त नहीं करेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार निरंकुश तानाशाह और लोकतंत्र की हत्या करने वाली साबित हो रही है। आजादी की लड़ाई में अधिवक्ताओं ने संघर्ष किया और अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। देश का अधिवक्ता अंग्रेजों से नहीं डरा तो इस सरकार से भी नहीं डरेगा। तहसील पटियाली और सहावर में बार कौंसिल उत्तर प्रदेश के निर्देश पर सिविल बार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सरकार के प्रति जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहे।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अंशुमान सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 लागू कर वकीलों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। इस मौके पर आलोक कुमार शर्मा राकेश गुप्ता अमित कुमार सोलंकी अभिषेक गुप्ता निर्मल कुमार सत्येंद्र कुमार फैसल राकेश कुमार सिंह योगेंद्र नरेंद्र शर्मा लोकेश यादव मोहम्मद तारिक अली अब्दुल मावूद संजय सोलंकी कौशलेंद्र प्रताप सिंह अंकित कुमार कमल कुमार सिंह यादव पीयूष अरविंद कुमार यादव जितेन मौर्य लालू प्रसाद यादव धारा सिंह सुनील असावा शिव कुमार शिवम सोलंकी सत्येंद्र राजपूत, शिवेंद्र कुमार मिश्रा, अंशुमान सक्सेना, नाजिम अली, तारिक हसन, अरविंद चतुर्वेदी, विपिन पांडेय, रजनीश मिश्रा, अखिलेश पालीवाल, रंजीत सिंह, सनोद कुमार, मुकेश चंद्र, दीपांशु, अंशुल, सचिन चौहान, सचिन शर्मा, अभय प्रताप सिंह, वरुण दलेला, योगेश गुप्ता, राधामोहन, आदिल, अली, अनुराग, उमेश चंद्र, शुभम शर्मा, विष्णु चतुर्वेदी, जयप्रकाश, सौरभ यादव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें - कासगंज: अलग-अलग सड़क हादसों में 8 लोग घायल, एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा
