शाहजहांपुर: छापाबोझी में बाघ की लोकेशन को वन विभाग ने की कांबिंग

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Edited By Amrit Vichar
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खुटार, अमृत विचार। क्षेत्र के गांव छापाबोझी में एक माह से लगातार बाघ की लोकेशन मिलने व गांव के समीप तक बाघ की चहल कदमी को लेकर छापाबोझी के ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को सूचना दी। शनिवार को खुटार रेंजर मनोज श्रीवास्तव वन दरोगा भगवान सिंह, वनरक्षक संदीप यादव, अशोक वाजपेयी व वाचरों को साथ लेकर छापाबोझी जंगल के किनारे कांबिंग की लेकिन बाघ की लोकेशन टीम को नहीं मिल सकी।

वन विभाग की टीम काम्बिंग की खानापूर्ति कर वापस चली गई। किसान लाल मोहम्मद के ऊपर बाघ द्वारा हमला करने वाली जगह पर भी टीम पहुंची, जहां पर लाल मोहम्मद का एक झोला, पानी की बोतल पड़ी हुई मिली और झोले में काफी खून भी लगा हुआ था। उधर बाघ के हमले से घायल हुए लाल मोहम्मद का इलाज अस्पताल में चल रहा है। छापाबोझी, सरेली, जसवंत नगर, बुझिया, सलनहा के ग्रामीणों व किसानों में बाघ की दहशत के चलते किसान खेतों में काम करने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की उदासीनता से ही बाघ हमलावर होते जा रहे हैं। 

वन विभाग ने बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने की कार्यवाही नहीं की। बता दें कि शुक्रवार शाम किसान लाल मोहम्मद (50) के ऊपर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। जिस पर साथ में मौजूद लाल मोहम्मद के साले आसिफ ने लोहे की कसी से बाघ के ऊपर प्रहार कर अपने बहनोई को बाघ के चंगुल से छुड़ा लिया था, तब जाकर लाल मोहम्मद की जान बच सकी थी।
वन विभाग के एसडीओ पुवायां डा.सुशील कुमार ने बताया कि रेंजर ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया है, लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की गई है। बाघ की अभी कोई लोकेशन नही मिली है।

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