विंध्यवासिनी धाम में पंडों के बीच जमकर चले लात-घूंसे, मूकदर्शक बने रहे पुलिसकर्मी, 4 के खिलाफ केस दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में उस समय अफरातफरी मच गई जब पंडों के दो गुट मां विंध्यवासिनी देवी के गर्भगृह के सामने ही भिड़ ग‌ए और जमकर मारपीट हुई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात सिपाही मूकदर्शक बने रहे। पुलिस बल आने के बाद झगड़ा रुक पाया। हालांकि इस बीच एक पक्ष के लोग भाग निकले। पुलिस ने इस सिलसिले में चार पंडों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

इस दौरान मां के दर्शन के लिए जुटे दर्शनार्थियों को पंडों का मल्ल युद्ध देख निराशा हुयी। विंध्याचल के पंडों का आचरण सर्व विदित है। मां की श्रद्धा कम करने वाले ये पंडे यजमानों को लेकर अक्सर आपस में मारपीट करते ही रहते हैं मगर देवी के गर्भगृह में मारपीट ने श्रद्धालुओं को झकझोर दिया है। मामले का वीडियो वायरल हुआ है।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की रात मुख्य श्रृगारिया विश्व मोहन मिश्र अपने पुत्र शिवांशु मिश्र के साथ देवी की शयन आरती कर रहे थे। धाम में दो आरती का जिम्मा इसी परिवार के पास है। अचानक पंडा अमित पांडेय, सुमित पांडेय व नवनीत ने पिता पुत्र पर हमला बोल दिया।

मंदिर परिसर में मौजूद अन्य लोगों ने मारपीट रोकने का प्रयास किया। ड्यूटी पर तैनात सिपाही भी रोक रहा था लेकिन झगड़ा शांत न हो सका। आखिरकार भारी पुलिस बल मंदिर में पहुंची। तब अमित पांडेय गुट भाग निकला। विश्व मोहन के प्रार्थनापत्र पर अमित सहित चार पंडों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पान खाकर थूकने पर पंडों और जिला प्रशासन के बीच तकरार का मामला शांत नहीं हो सका है। अब पंडों का यह आचरण श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। लोग स्थानीय पंडों व्यवहार से ऊब चुके हैं। स्थानीय गांव के राजीव दूबे कहते हैं कि मंदिर अब ट्रस्ट के हवाले किया जाना चाहिये।

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