शाहजहांपुर: एडीएम न्यायिक ने की 74.621 भूमि सीलिंग की घोषित

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। एडीएम न्यायिक द्वारा एक साल पुराने वाद में एसडीएम पुवायां द्वारा कराई गई, जांच रिपोर्ट के आधार पर तहसील के ग्राम त्रिलोकपुर स्थित खाता संख्या 48 व गाटा संख्या 75 की 74.621 हेक्टेयर भूमि को सीलिंग घोषित करने का निर्णय करते हुए आदेश किया गया है। जानकारी देते हुए नियत प्राधिकारी एवं एडीएम न्यायिक राशिद अली खां ने बताया कि जिलाधिकारी के यहां दलजीत सिंह आदि द्वारा शिकायत के बाद एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय सुनाते हुए वाद का निस्तारण किया गया है।

त्रिलोकपुर निवासी दलजीत सिंह आदि द्वारा डीएम को पत्र देकर बताया कि उक्त लोग ग्राम त्रिलोकपुर पुवायां के निवासी है। जिनकी एक आराजी कृषि संयुक्त रूप में त्रिलोकपुर गाटा संख्या 67 रकवा 5.735 व गाटा संख्या 75 रकवा 76.186 है, जिसका प्रार्थी पृथक-पृथक का 66.50 के लगभग बनता है, जिसमे प्रार्थी हिस्सेदार हैं। 66.50 में से लगभग 14 एकड़ बाग 6 हिस्सेदारों के हिस्से में आता है। उपरोक्त कृषि आराजी पर विपक्षी हरचन्द्र सिंह, शेर जंग सिंह, प्रीति इन्दर सिंह व दीपइन्दर सिंह, कवरप्रीत सिंह लगभग 26 एकड़ कृषि आराजी पर लगभग पिछले 10 सालो से अवैध रूप से कब्जा किए हुये हैं। 

जिसको लेकर कई बार अवैध कब्जा हटाने के लिए आवेदन किया तो बराबर टाल मटोल करते चले आ रहे हैं और जब पतहसील स्तर से कोई भी कार्यवाही करता है तो विपक्षी सरकारी कर्मचारी के सामने 2-4 दिनों के अन्दर उपरोक्त आराजी के सम्बन्ध में प्रपत्र दे देंगे, नहीं देते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुये विपक्षी के कब्जे से उपरोक्त कृषि आराजी छुड़ाकर दिलाए जाने की प्रार्थना की गयी। वादी उत्तर प्रदेश सरकार याची अनुतोष पाने के अधिकारी हैं। 

वाद आज्ञाप्ति किये जाने योग्य है। चूंकि प्रतिवादियों द्वारा कोई विकल्प नही दिया है। वादी का आज्ञप्ति किया जाता है और 74.621हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त घोषित की जाती है। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व उपस्थित रहे, और उनके तर्को को सुना। खातेदारों व उनके अधिवक्ता न्यायालय में लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। पत्रावली में उपलब्ध मौखिक व लिखित तथ्यो का गम्भीरता से अवलोकन किया गया। खातेदारों विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए वाद का निस्तारण किया गया।

 

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