शारदा विश्वविद्यालय के छात्रावास में छात्र ने खुदकुशी, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाया यह गंभीर आरोप

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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के छात्रावास में खुदकुशी करने वाले छात्र शिवम के परिजनों ने उसकी मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है और इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है।

शिवम के पिता कार्तिक चंद डे ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “विश्वविद्यालय प्रबंधन हमसे लगातार शुल्क ले रहा था और मुझे मेल के जरिये उसकी रशीद भी भेज रहा था, लेकिन प्रबंधन की ओर से मुझे कभी भी नहीं बताया गया कि मेरा पुत्र एक साल से पढ़ने के लिए कक्षा में नहीं आ रहा था। अब प्रबंधन की ओर से मुझे जानकारी दी गयी है कि शिवम एक साल से कक्षा में उपस्थित नहीं हो रहा था।” 

उन्होंने आरोप लगाया, “अगर विश्वविद्यायल ने मुझे पहले ही मेरे पुत्र की गतिविधियों के बारे में सही जानकारी दी होती और बताया होता कि वह कक्षा में नहीं उपस्थित हो रहा है, तो वह आज जीवित होता।” उन्होंने बताया कि शिवम गत दो अगस्त को अपने पैतृक गांव बिहार के पूर्णिया से दो महीने रह कर लौटा था। उन्होंने कहा, “मैंने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी है। ”

गौरतलब है कि बीटेक (कंप्यूटर साइंस) के तृतीय वर्ष के छात्र वर्षीय शिवम डे (24) ने 15 अगस्त की रात नॉलेज विश्वविद्यालय के एचएमआर छात्रावास में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना की जानकारी मिलने पर नॉलेज पार्क थाना की पुलिस मौके पर पहुंची।

इस दौरान पुलिस को शिवम् के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने लिखा था, “मां- बाबा माफ करना आपको यह पत्र मिलने से पहले मैं अपना जीवन समाप्त कर चुका हूं। मैंने पिछले वर्ष से यह कदम उठाने का कई बार निर्णय ले लिया। अतः कॉलेज प्रबंधन से आग्रह है कि मेरी बची हुयी फीस मेरे माता- पिता को वापस कर दें क्योंकि मैं दूसरे साल के बाद से कॉलेज नहीं गया हूं और न ही मैंने दाखिला लिया लिया है।” मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। वहीं फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।

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