दुष्कर्म और एसिड अटैक पीड़िताओं को 10 लाख तक मुआवजा : कानपुर में 14 मामलों में मिला 54 लाख

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार :  दुष्कर्म, एसिड अटैक और मृत्यु से जुड़े मामलों में अब पीड़िताओं को त्वरित आर्थिक मदद दी जाएगी। इन मामलों में एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस व प्रशासन को पीड़िता या परिजनों का बैंक खाता विवरण लेना अनिवार्य होगा, ताकि सहायता राशि सीधे खाते में भेजी जा सके।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना की समीक्षा बैठक में 50 प्रकरणों पर विचार किया गया। इनमें से 14 मामलों को स्वीकृति मिली और पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को कुल 54 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

डीएम ने कहा कि इस योजना का मकसद है कि पीड़िताओं को समय पर न्याय और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि पॉक्सो, दुष्कर्म, एसिड अटैक और मृत्यु जैसे मामलों में बैंक विवरण तुरंत जुटाए जाएं। जिन मामलों में विवरण उपलब्ध नहीं हैं, वहां तुरंत पीड़िता या परिजनों से संपर्क किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रकरणों में संवेदनशीलता और गंभीरता बरती जाए तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। डीएम ने कहा कि योजना की प्रगति की नियमित मासिक समीक्षा होगी और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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