निजी भागीदारी से इको-टूरिज्म स्थलों पर हों विश्वस्तरीय सुविधाएं : मुख्यमंत्री योगी

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Published By Muskan Dixit
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इको-टूरिज्म को रोजगार, संरक्षण और निवेश का समन्वित मॉडल बनाने के निर्देश

लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इको-टूरिज्म को रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बताते हुए इसके लिए समग्र और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता, वन क्षेत्रों और प्राकृतिक विरासत में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इको-टूरिज्म एक सशक्त और टिकाऊ उद्योग के रूप में स्थापित हो सके।

सोमवार को उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चयनित इको-टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास, अच्छे होटल, स्तरीय रेस्टोरेंट और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने गोरखपुर के कुसम्ही जंगल, अयोध्या के कुमारगंज क्षेत्र, गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क और लखीमपुर खीरी की महेशपुर रेंज जैसे संभावनाशील स्थलों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर और कतरनियाघाट टाइगर रिजर्व के साथ हैदरपुर, बखिरा, सूर सरोवर, समसपुर और नवाबगंज जैसे प्रमुख वेटलैंड्स में 44 इको-टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की गई हैं। अब इन परिसंपत्तियों के मॉनेटाइजेशन और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत इको-लॉज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटक सुविधाओं के लिए पीपीपी मॉडल लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि लखनऊ-पलिया और नई दिल्ली-पलिया के बीच सप्ताहांत एसी बस सेवाएं शुरू की जाएं। इसके अलावा पीलीभीत-मैलानी-बहराइच क्षेत्र में क्षेत्रीय बस सेवा प्रारंभ करने को कहा गया। उन्होंने परिवहन निगम के सफल मॉडल को देखते हुए ऐसी सेवाओं का विस्तार अन्य इको-टूरिज्म स्थलों तक करने के निर्देश दिए।

बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, चित्रकूट, महराजगंज, प्रयागराज, बांदा, बहराइच, सीतापुर, उन्नाव, बलिया, इटावा और मैनपुरी सहित विभिन्न जिलों में 31 नई परियोजनाएं प्रस्तावित किए जाने की जानकारी दी गई। इनमें पार्क, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वेटलैंड विकास, बर्ड वॉचिंग टॉवर, ट्रेल्स, कैंपिंग और पर्यटक सुविधाओं का विकास शामिल है।

बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना उपस्थित रहे।

 

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