Bareilly news : ‘भूसा दान’ पर बवाल, शिक्षकों ने उठाए जबरन वसूली के सवाल

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बरेली/लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बेसहारा गोवंशों के लिए भूसा दान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में दो अलग-अलग पत्र जारी होने से विवाद खड़ा हो गया है। नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव ने स्कूलों से 46 किलो भूसा जमा करने का आदेश दिया और पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। वहीं मीरगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी पर कोई दबाव या कार्रवाई नहीं होगी। 

शिक्षक संगठन ने जताई नाराजगी

वहीं  बेसिक शिक्षा विभाग के फरमान पर शिक्षक वर्ग में भारी नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है कि उनका मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना है, न कि भूसा इकट्ठा करना। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर विवादित आदेश तुरंत वापस नहीं लिया गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक संगठन का कहना है कि पहले से ही जनगणना, चुनाव ड्यूटी समेत कई गैर-शैक्षिक कार्यों का बोझ सह रहे शिक्षकों पर यह नया बोझ अनुचित है। एक शिक्षक ने तीखा सवाल किया, “क्या अब हम गले में कट्टा डालकर घर-घर भूसा मांगने जाएंगे?”

वहीं इस आदेश से बिफरे एक प्रधानाध्यापक ने कहा कि यह शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस तरीके का जो आदेश जारी हुआ है, वह बहुत ही ज्यादा गलत है। शिक्षक महत्वपूर्ण कार्य के लिए है, हमारा कार्य स्कूल में बच्चों को शिक्षा देना और जिम्मेदारी वाले सरकारी कार्य करना है।

लेकिन भूसा इकट्ठा करने का यह कार्य हमारा नहीं है। यह पशुपालन विभाग, कृषि विभाग और जिला पंचायत विभाग का कार्य है। आज इन्होंने भूसा मांगने को कहा है, आगे जाकर इस तरह का कार्य करने के बाद कहा जाएगा कि हम गोबर साफ करें, नाली साफ करें! यह बहुत ही गलत है। हम सभी शिक्षक मिलकर विभाग के इस आदेश का पुरजोर विरोध करते हैं। 

जानिए क्या बोले डीएम अविनाश सिंह ?

जिले के डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में गौशालाएं बनाई जा रही हैं और हर ब्लॉक में भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपनी क्षमता अनुसार स्वैच्छिक भूसा दान करने की अपील की और गो-संरक्षण को भारतीय संस्कृति का अंग बताया। हालांकि, नवाबगंज बीईओ के सख्त आदेश की जानकारी मिलने पर डीएम ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

बीईओ सत्यदेव ने दी सफाई

नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव ने बताया कि ऊपरी निर्देश पर पत्र जारी किया गया था। कार्रवाई वाली पंक्ति गलती से शामिल हो गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर दिया गया है।मीरगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने अपने पत्र को स्वैच्छिक बताते हुए किसी भी दबाव से इनकार किया।

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पहले भी मिले चुके हैं शिक्षकों को ऐसे अजीबोगरीब आदेश

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए यह पहला आदेश नहीं है, इससे पहले भी  सिद्धार्थनगर जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान महिला शिक्षिकाओं को दुल्हनों को सजाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिस पर खूब विवाद हुआ था। दरसअल नौगढ़ ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद ने तेतरी बाजार में होने वाले सामूहिक विवाह में 184 दुल्हनों को सजाने की ड्यूटी 20 महिला शिक्षिकाओं (जिनमें प्रधानाध्यापिकाएं और शिक्षा मित्र भी शामिल) को दे दी थी। आदेश जारी होते ही सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक आलोचना हुई।  विरोध बढ़ता देख बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने तुरंत आदेश निरस्त कर दिया था।

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