Delhi Restaurant Fire: दिल्ली में पहली बार नहीं हुआ ऐसा भीषण हादसा... जानिए राजधानी के 10 दिल दहलाने वाले अग्निकांड

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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दिल्ली, अमृत विचार । 3 जून को देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक रेस्तरां में भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी विकराल थी कि उसने चंद मिनटों में दर्जनों लोगों को मौत की नींद सुला दिया। इस भयानक हादसे में फिलहाल 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से 25 लोग घायल हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। 

जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसका मंजर और भी भयावह था। ग्राउंड फ्लोर पर रेस्तरां था, जहां लोग खाना खाने आए थे, जबकि ऊपरी मंजिलों पर होटल के कमरे थे। बताया जा रहा है कि पूरे होटल में सिर्फ एक ही दरवाजा आने-जाने के लिए था। आग लगते ही वह रास्ता भी धुएं और आग की लपटों से घिर गया। लोग फंसकर चीखते रहे, मदद के लिए चिल्लाते रहे... 

बता दें कि यह पहला हादसा नहीं... देश की राजधानी दिल्ली आग के इस भयानक काल को पहले भी कई बार देख चुकी है। इस हादसे से पहले भी राजधानी आग की कई घटनाओं से दहली है। जिनमें दर्जनों बेगुनाह जिंदगियां जलकर खाक हो गईं। फिर भी सिस्टम नहीं सुधरा। एनओसी, सेफ्टी नॉर्म्स, फायर एग्जिट सब कागजों पर ही सिमटकर रह गए। आज फिर वही सवाल उठ रहे हैं। कितनी बार लोग मरेंगे? कितनी बार सरकारें आश्वासन देंगी? 

उपहार सिनेमा अग्निकांड (1997)

तारीख - 13 जून, 1997
जगह - ग्रीन पार्क, दक्षिणी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 59 मौतें, 103 घायल

Delhi Restaurant Fire (1)

करीब 29 साल पहले उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों ने अपनी जान गवाई थी। उपहार सिनेमा में फिल्म बॉर्डर के शो के दौरान ग्राउंड फ्लोर पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में चिंगारी उठी, जिससे पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में आग लग गई। इससे भारी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनी। इसके बाद सिनेमा हॉल के बालकनी सेक्शन में बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि प्रबंधन ने अतिरिक्त सीटें लगाने के लिए इमरजेंसी गेट्स को बंद या ब्लॉक कर दिया था।

लाल कुआं केमिकल गोदाम अग्निकांड (1999)

तारीख - 31 मई 1999
जगह - लाल कुआं (हमदर्द रोड), पुरानी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 57 मौतें, 23 घायल

Delhi Restaurant Fire (9)

लाल कुआं स्थित एक केमिकल गोदाम में आग भड़की थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की इमारतें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में 57 मौतें हुईं और करीब 23 लोग घायल हुए थे। बताया जाता है कि हादसे के बाद केमिकल के कारण लगभग एक हफ्ते तक वहां की सड़क नीली दिखाई दे रही थी। हालांकि बाद में सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने केमिकल मार्केट को पुरानी दिल्ली से हटाकर होलंबी कलां शिफ्ट कर दिया था। इसके बावजूद आज भी इस इलाके में तारों के जाल और संकरी गलियों के कारण आग लगने का संकट बना रहता है।

बवाना औद्योगिक क्षेत्र अग्निकांड (2018)

तारीख - 20 जनवरी, 2018
जगह - बवाना इंडस्ट्रियल एरिया, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 17 मौतें, 2 घायल

Delhi Restaurant Fire (8)

बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक पटाखा पैकेजिंग यूनिट में अचानक आग लग गई थी। हादसे वाली इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। ऐसे में जब सीढ़ियों के पास आग लगी, तो ऊपर की मंजिलों पर काम कर रहे मजदूरों के लिए बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इससे मजदूर बुरी तरह फंस गए। हादसे में 17 मजदूरों की मौत हो गई थी। जबकि दो मजदूर घायल हुए थे।

अर्पित पैलेस होटल अग्निकांड (2019)

तारीख - 12 फरवरी 2019
जगह - करोल बाग, केंद्रीय दिल्ली
हादसे का अंजाम - 17 मौतें

Delhi Restaurant Fire (7)

करोल बाग स्थित अर्पित पैलेस होटल में एसी डक्ट में शॉर्ट सर्किट हुई। इससे भड़की आग गलियारों और छत पर बने अवैध रेस्टोरेंट में फैल गई। होटल के अंदर लकड़ी के पैनल लगे होने की वजह से धुआं भर गया। इसके अलावा इमरजेंसी गेट्स पर भी ताले होने की वजह से लोग अंदर फंस गए। इस हादसे में भी 17 लोगों की मौत हुई थी।

अनाज मंडी फैक्ट्री अग्निकांड (2019)

तारीख - 8 दिसंबर, 2019
जगह - रानी झांसी रोड, केंद्रीय दिल्ली
हादसे का अंजाम - 43 मौतें, 56 से ज्यादा घायल

Delhi Restaurant Fire (6)

अनाज मंडी फैक्ट्री स्थित एक 4-5 मंजिला इमारत में  निचले तल और ऊपरी मंजिलों पर स्कूल बैग, लॉगेज, हैंडबैग और प्लास्टिक सामान बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। 8 दिसंबर 2019, तड़के सुबह 4:45 से 5:00 बजे के बीच शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। फैक्ट्री में प्लास्टिक, कार्डबोर्ड, कागज और ज्वलनशील कच्चा माल भरा हुआ था, जिससे आग तेजी से पूरे बिल्डिंग में फैल गई। इस दौरान इमारत में करीब 100-150 मजदूर सो रहे थे। खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगी थी और सीढ़ियों पर कच्चा माल जमा था। बिल्डिंग में आने-जाने का रास्ता भी एक था। इस हादसे में 43 मजदूरों की दम घुटने से मौत हुई थी। जबकि 56 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

गोकुलपुरी झुग्गी बस्ती अग्निकांड (2022)

तारीख - 12 मार्च, 2022
जगह - गोकुलपुरी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 7 मौतें, 60 से अधिक झुग्गियां खाक

Delhi Restaurant Fire (5)

गोकुलपुरी स्थित बस्ती में 12 मार्च 2022 को करीब रात 12:30 बजे से 1:05 बजे के बीच कूड़े के ढेर में आग लगी थी। धीरे-धीरे आग ने झुग्गियों को अपनी आगोश में ले लिया और देखते ही देखते 60 से अधिक झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। झुग्गियों में संकरी गलियां, ज्वलनशील सामग्री और एक ही रास्ता होने से आग तेजी से फैल गई। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें 3 बच्चे, 1 गर्भवती महिला भी थी।

मुंडका कमर्शियल बिल्डिंग अग्निकांड (2022)

तारीख - 13 मई 2022
जगह - मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास पश्चिमी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 27 मौतें, 40 घायल

Delhi Restaurant Fire (4)

मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगी थी। सीस बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक राउटर बनते थे। जानकारी के मुताबिक पहली मंजिल पर इलेक्ट्रिकल स्विच के पास आग लग गई। गत्ते और प्लास्टिक के कारण आग तेजी से फैल गई। बिल्डिंग में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता द्वार था। हादसे के दौरान वहां काम करने वाली दर्जनों महिलाएं अंदर ही फंस गई थीं। इस हादसे में 27 मौतें हुई थीं, जबकि 40 घायल थे।

अलीपुर पेंट फैक्ट्री अग्निकांड (2024)

तारीख - 15 फरवरी, 2024
जगह - अलीपुर, उत्तरी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 11 मौतें, 4 घायल

Delhi Restaurant Fire (3)

अलीपुर स्थित एक अवैध केमिकल और पेंट मिक्सिंग फैक्ट्री में वेल्डिंग की चिंगारी से विस्फोट हो गया था। घटना के बाद ज्वलनशील केमिकल नालियों में फैल गया, जिससे आग आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच गई। इससे दर्जनों लोग अपने घरों और दुकानों में काम कर रहे लोग अंदर फंस गए। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 4 घायल हुए थे।

पालम अग्निकांड (2026)

तारीख - 18 मार्च 2026
जगह - पालम, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली
हादसे का अंजाम - 9 मौतें, 3 घायल

Delhi Restaurant Fire (2)

पालम इलाके में स्थित एक चार मंजिला इमारत में सुबह करीब 6:30 बजे भीषण आग लग गई थी। हादसे में कारोबारी राजिंदर कश्यप के परिवार के 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। हादसे वाली इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर कॉस्मेटिक्स और कपड़ों का शोरूम था, जबकि परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहता था। आग शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी और कॉस्मेटिक्स जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों के कारण यह तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। वहीं आग से बचने के लिए एक बेटे ने अपनी दो वर्षीय बच्ची को नीचे बचाव कर्मियों की ओर फेंका और फिर खुद छलांग लगा दी, जबकि एक अन्य बेटे ने पास की इमारत पर कूदकर अपनी जान बचा ली थी।

 
विवेक विहार रिहायशी इमारत अग्निकांड (2026)

तारीख - 3 मई 2026
जगह - विवेक विहार, फेज-1, पूर्वी दिल्ली
हादसे का अंजाम - 9 मौतें, दो घायल

Delhi Restaurant Fire (11)

विवेक विहार कॉलोनी में स्थित एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर एयर कंडीशनर (एसी) के कंप्रेसर में हुए ब्लास्ट से भीषण आग लग गई। आग की वजह से इलेक्ट्रॉनिक डोर ऑटोमैटिक लॉक हो गए। इतना ही नहीं ऊपर-नीचे रास्ते भी ब्लॉक हो गए। जिससे  अंदर सो रहे एक ही परिवार के लोग जिन्दा जलकर मर गए।

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