Vineet Rai Murder Case Ghazipur : कौन है शंकर पांडेय, पूर्वांचल में कटरा गैंग से लेकर होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड तक-कैसे फैलाया खौफ का धंधा

Amrit Vichar Network
Published By Ateeq Khan
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'कटरा गैंग', वाट्सएप पर चलता है। कई युवक इसके सदस्य हैं। कटरा गैंग को जब कोई आपराधिक गतिविधि करता है तो उसका फुलप्रूफ प्लान बनाकर वाट्सएप पर बने गैंग वाले ग्रुप में शेयर कर दिया जाता। मसलन, किस कांड में कौन सा व्यक्ति निशाने पर है। उसकी फोटो, डिटेल सब भेज दी जाती।

अमृत विचार : यूपी के गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड (Vineet Rai Murder Case Ghazipur) से पूर्वांचल एक बार फिर थर्रा गया। कटरा गैंग ने 29 साल के एक युवा उद्यमी को सरेआम गोनियों से भून डाला। माफिया, बाहुबलियों और गैंगस्टरों के दबदबे वाले इस क्षेत्र में, राजनीतिक संरक्षण तले संगठित अपराध (Organized crime) खूब फलता-फूलता रहा है।

वीरेंद्र प्रताप शाही और हरिशंकर तिवारी के बीच साल 1980 में वर्चस्व की जो जंग शुरू हुई थी-तब से करीब 40 साल तक पूर्वांचल खूनी गैंगवार और माफियागीरी के साये में रहा। अब वहां, कटरा गैंग ने जिस अंदाज में रंगदारी वसूली, अपहरण और हत्याकांड से जो दहशत फैलाई-उसने पूर्वांचल के संगठित अपराध का पुराना दर्द ताजा कर दिया है।

हालांकि, गाजीपुर पुलिस ने सिर उठाते बदमाशों को कुचलना भी शुरू कर दिया है। पुलिस ने एक बदमाश को एनकाउंटर में मार गिराया। हालांकि आम जनमानस के बीच से एक सवाल तो उठता है कि, आखिर ये शंकर पांडेय है कौन, जिसने गाजीपुर में कटरा गैंग बनाकर, खुलेआम खौफ का धंधा शुरू कर दिया?

कटरा गैंग (Katra Gang) के सरगना शंकर पांडेय पर बात करने से पहले, विनीत राय हत्याकांड पर एक नजर डालते हैं। गाजीपुर की सदर कोतवाली क्षेत्र में आलोक राय का बिंदु होटल है। विनीत राय आलोक पांडेय के बेटे हैं। 29 मई की रात करीब 11:15 बजे, विनीत राय अपनी बुलेट गाड़ी लेकर होटल से निकले थे। होटल के बाहर घात लगाए खड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर विनीत राय को मौत के घाट उतार दिया। 

विनीत राय महज 29 बरस के थे। पिछले साल मई 2025 में उनकी शादी हुई थी। एक मासूम बेटी है। जवानी में पत्नी विधवा हो गई। इस हत्याकांड ने गाजीपुर ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल को झकझोर कर रख दिया। हालांकि पुलिस ने विनीत हत्याकांड के एक अन्य आरोपी कमलेश चौधरी को एनकाउंटर में मार गिराया है। 


वाट्सएप पर चलता कटरा गैंग

विनीत राय हत्याकांड संगठित अपराध का एक नमूना है। पुलिस के मुताबिक, 'कटरा गैंग', वाट्सएप पर चलता है। कई युवक इसके सदस्य हैं। कटरा गैंग को जब कोई आपराधिक गतिविधि करता है तो उसका फुलप्रूफ प्लान बनाकर वाट्सएप पर बने गैंग वाले ग्रुप में शेयर कर दिया जाता। मसलन, किस कांड में कौन सा व्यक्ति निशाने पर है। उसकी फोटो, डिटेल सब भेज दी जाती। घटना को अंजाम देने वाले अपराधी को वो काम सौंप दिया जाता। जब किसी घटना को अंजाम देना होता है-ग्रुप पर ही उसका मैसेज आ जाता। घटना के बाद आरोपी फरार हो जाते हैं। 
 


शंकर पांडेय ने बनाया गिरोह!


पुलिस के मुताबिक, शंकर पांडेय कटरा गैंग का सरगना है। गाजीपुर में उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, अपहरण का प्रयास, मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। पिछले साल मई और अक्टूबर में गाजीपुर के झुन्नूलाल चौहारे के पास हुई घटनाओं में कटरा गैंग के सदस्यों के नाम सामने आए थे। होटल कारोबारी आलोक राय ने बेटे की हत्या का आरोप शंकर पांडेय पर लगाया है। शंकर पांडेय एक राज्यसभा सांसद के पति का करीबी बताया जा रहा है, इसलिए उसके राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी आशंकाओं भरी चर्चाएं आम हैं। 


एक करोड़ की रंगदारी न देने पर मर्डर!


होटल कारोबारी आलोक राय का आरोप है कि शंकर पांडेय ने पिछले साल उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इनकार करने पर अंजाम भुगतने की धमकी का भी आरोप लगाया है। सदर कोतवाली में जहां आलोक राय का बिंदु होटल है, उसी के आसपास शंकर पांडेय का मकान है। पीड़ित आलोक राय ने उसके मकान को अवैध बताते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग है। इसके साथ ही वह हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के एनकाउंटर की मांग उठा रहे हैं। डर और आशंका जताते हुए कि, ऐसा न होने पर उनके परिवार के लिए खतरा बना रहेगा। 

किसका संरक्षण है

शंकर पांडेय को किसका संरक्षण प्राप्त है-इसमें एक नेता के डॉ. अवधेश बिंद का नाम घिसट रहा है। हालांकि डॉ. अवधेश इन आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं। लेकिन घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने कटरा गैंग को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक लापरवाही के मामले की जांच की मांग उठाई है। 


कमलेश चौधरी का एनकाउंटर 


विनीत राय हत्याकांड में 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शंकर पांडेय, कलेश चौधरी, जगदीश सिंह उर्फ सोनू यादव और आलोक दुबे शामिल है। शंकर और कमलेश पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया और बाकी दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है। कमलेश चौधरी बुधवार को मुठभेड़ में मारा जा चुका है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा के मुताबिक, कमलेश कुर्था स्थित पौहारी बाबा आश्रम के पास छिपा था, जहां मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसकी मृत्यु हो गई। 

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