फिर भड़की US-ईरान में जंग : ईरान के सैन्य ठिकानों पर बमबारी, ट्रंप ने दी बड़े सैन्य एक्शन की चेतावनी

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Published By Anjali Singh
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वाशिंगटन। अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर कई हमले किए और दक्षिणी क्षेत्र में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ वायु रक्षा प्रणाली, रडार और ड्रोन कमान एवं नियंत्रण यूनिटों को भी निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने एक बयान में कहा, "कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर, सेनाओं ने बुधवार रात को ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले किए।" 

बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया।ये हमले ईरान की बिना वजह और लगातार आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं। अमेरिकी सेना सतर्क, घातक और तैयार है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बातचीत में देरी करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले की योजना बना रहा है। श्री ट्रंप के बयान के बाद, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ "कड़े" हमले करेगी। 

ईरानी मीडिया ने अपनी रिपोर्टों में कहा है कि बंदर अब्बास बंदरगाह शहर, दक्षिणी ईरान के सिरिक शहर, अल्बोर्ज़ प्रांत में एश्तेहार्ड शहर के पास और कराज शहर में धमाकों की आवाज़ सुनी गई। मिनाब और मोह्र शहरों में भी धमाकों की आवाज़ सुनी गई। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के करगन शहर में अमेरिकी हमले में दो लोग घायल हो गए। 

पश्चिम एशिया में 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमले 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद, मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर पश्चिम एशिया में 18 अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये हैं। इनमें कुवैत में अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस शामिल हैं। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि गुरुवार तड़के, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स और नेवी ने अमेरिकी सेना के "18 ठिकानों" पर दो चरणों में हमले किए। ये हमले "हमलावर को सज़ा देने और अमेरिकी सेना के हमले के जवाब में" किए गए थे। 

आईआरआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमला भी किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में संचार एंटीना और रडार साइटों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान पर बातचीत में देरी करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले की योजना बना रहा है। 

ईरानी मीडिया ने बाद में बताया कि फार्स प्रांत और पश्चिमी तेहरान में वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया है। मिनाब, मोह्र, बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं। ईरानी सशस्त्र बलों के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने यह भी बताया कि एक अमेरिकी एफ -16 विमान ने दक्षिणी ईरान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी।

खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा है कि हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों के कारण ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी प्रकार के जहाजों - जिनमें तेल टैंकर और व्यापारिक जहाज शामिल हैं ,के लिए बंद किया जा रहा है। कमांड ने कहा कि जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जाएगा।

इनमें कुवैत में अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस के साथ-साथ बहरीन में शेख ईसा एयर बेस भी शामिल थे। ईरानी समाचार एजेंसी नूर न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक ने उत्तरी इराक में अमेरिकी हरीर एयर बेस पर भी मिसाइल हमला किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एक अमेरिकी रडार साइट और होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों पर भी हमला किया। 

ईरान से जारी हमलों के बीच कुवैत ने बंद किया अपना हवाई क्षेत्र 

ईरान से जारी हमलों के बीच कुवैत ने बृहस्पतिवार को अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की। यह घोषणा कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने की। उसने बताया कि उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर उन्हें अन्य हवाई अड्डों की ओर भेजा जा रहा है, हालांकि इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई। यह घोषणा ऐसे समय की गई जब सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय होकर जवाबी गोलीबारी कर रही हैं। 

घोषणा से पहले कुछ समय तक कई विमान कुवैत के हवाई क्षेत्र के बाहर चक्कर लगाते रहे। कुवैत ने कहा, ''यह कदम कुवैत पर ईरान के निंदनीय हमलों और उनसे क्षेत्र में नागरिक विमानन यातायात को उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को देखते हुए उठाया गया है।'' हाल के दिनों में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी ईरान के हमले की चपेट में आया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

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