राम मंदिर ट्रस्ट दान राशि विवाद, अयोध्या पहुंचे निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा बोले-'जांच में नहीं बरती जाएगी कोई ढिलाई'

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ/अयोध्या | राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सोमवार को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मिश्रा ने कहा कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि एसआईटी ने मार्गदर्शन के लिए आज मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है। उसके तुरंत बाद टीम यहां आएगी और अपना काम शुरू करेगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मामले में किसी तरह की कोई ढिलाई होगी।

नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, "इस मामले के कई पहलू हैं। एक आपराधिक पहलू है और दूसरा भविष्य में सुधार से जुड़ा हुआ है। जब इन दोनों पहलुओं पर गंभीरता से काम होगा, तभी हम श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत कर सकेंगे।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट जांच में पूरा सहयोग करेगा और एसआईटी को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रविवार को जिला प्रशासन से भी बातचीत की थी और प्रशासन ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। मिश्रा ने इसे एक सामूहिक प्रयास और मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण दौर बताते हुए कहा कि हमें इस दौर से गुजरते हुए भविष्य की दिशा तय करनी है।

"दान करो और भूल जाओ" — सनातन धर्म की परंपरा

भक्तों की संख्या और आस्था पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा, "भक्तों की संख्या को लेकर कोई सवाल नहीं है। श्रद्धालु भगवान के प्रति समर्पण भाव से आते हैं। वे दान करते हैं...। हमारे सनातन धर्म में भी कहा गया है कि दान करो और उसे भूल जाओ। न तो इसका पता लगाया जाता है, न ही भगवान के साथ कोई वस्तु विनिमय (प्रणाली) है, (जब से) मैंने दान किया है।"उन्होंने आगे कहा कि यह सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। श्रद्धा और दान की यह धारा निरंतर प्रवाहित होती रहेगी और इसमें कोई बाधा नहीं आएगी।

दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारी बुलाने की खबरों को बताया गलत

इस सवाल पर कि क्या एसआईटी जांच के लिए दिल्ली से किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया जा रहा है, नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह पूरी तरह गलत जानकारी है। यह राज्य सरकार और जिला प्रशासन का विषय है। जैसा कि आम बोलचाल में कहा जाता है कि 'नैया पार लगानी है', तो दोनों (राज्य सरकार और जिला प्रशासन) ही ऐसा करेंगे।

गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने रविवार को भी अयोध्या 'सर्किट हाउस' में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के दान कोष में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि एसआईटी का गठन सरकार की गंभीरता और तत्परता को दर्शाता है।

तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का हुआ है गठन

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर ट्रस्ट की दान राशि और वित्तीय प्रबंधन में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। राज्य सरकार के अनुसार, ट्रस्ट ने तथ्यों को स्पष्ट करने और राम मंदिर की छवि धूमिल करने के कथित प्रयासों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

इस विशेष जांच दल (SIT) में निम्नलिखित अधिकारियों को शामिल किया गया है

विजय विश्वास पंत (मंडलायुक्त, लखनऊ)

किरण एस. (पुलिस महानिरीक्षक)

नील रतन (विशेष सचिव, वित्त विभाग)

विपक्ष के आरोप और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया

इससे पहले, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सात जून को दावा किया था कि ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनमें राम मंदिर के लिए मिले दान में से करोड़ों रुपये का हेरफेर होने की बात कही गई है। उन्होंने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह भी किया था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि ट्रस्ट का आंतरिक ऑडिट जारी है और अब तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जो आरोपों की पुष्टि करता हो। वहीं, ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें भगवान राम पर पूरा विश्वास है। यदि किसी ने कोई गलत काम किया है तो भगवान राम स्वयं उसे दंड देंगे। हमारे ट्रस्टी ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा और यदि किसी प्रकार का संदेह है तो जांच कराई जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें  : 
लखनऊ : विधान भवन की पहली मंजिल पर लगी आग, ब्रजेश पाठक के कमरे में AC से हुआ शार्ट सर्किट

 

संबंधित समाचार