हॉकी में मनप्रीत सिंह ने रचा इतिहास: दुनिया के टॉप-5 दिग्गजों में बनाई जगह, तोड़ा इस दमदार खिलाड़ी का रिकॉर्ड
नई दिल्ली: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और स्टार मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। वह भारत की ओर से सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पुरुष हॉकी खिलाड़ी बन गए हैं। मनप्रीत ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि बुधवार को रोटर्डम में जर्मनी के खिलाफ खेले गए एफआईएच (FIH) प्रो लीग 2025-26 मुकाबले के दौरान हासिल की, जो उनके करियर का 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच था।
दिलीप टिर्की को छोड़ा पीछे
33 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने इस मामले में भारतीय हॉकी के महान डिफेंडर और वर्तमान हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। टिर्की ने अपने शानदार करियर में भारत के लिए 412 मैच खेले थे।
इस मैच के साथ ही मनप्रीत दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल हॉकी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सर्वकालिक (All-Time) सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। विश्व रिकॉर्ड की बात करें तो:
1. जॉन-जॉन डोहमेन (बेल्जियम): 481 मैच (शीर्ष पर)
2. ट्यून डी नूइजर (नीदरलैंड): 453 मैच
3. एडी ओकेंडेन (ऑस्ट्रेलिया): 451 मैच
4. बैरी मिडलटन (ग्रेट ब्रिटेन): 432 मैच
5. मनप्रीत सिंह (भारत): 413 मैच
मनप्रीत सिंह वर्तमान में दुनिया के एकमात्र ऐसे एक्टिव (सक्रिय) पुरुष अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 400 से अधिक मैच खेलने का आंकड़ा पार किया है।
2011 से शुरू हुआ सफर, ओलंपिक पदकों के बने गवाह
साल 2011 में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत सिंह पिछले डेढ़ दशक से भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान के सबसे बड़े स्तंभ रहे हैं। उनके नेतृत्व और खेल के दम पर भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी खोई हुई साख वापस पाई है।
मनप्रीत ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए देश को ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल (कांस्य पदक) दिलाया था। इसके बाद वह पेरिस 2024 ओलंपिक में भी ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य सदस्य रहे। उनके रहते भारत ने 2014 और 2022 एशियाई खेलों (Asian Games) में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 में एशिया कप का खिताब तथा कई बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की है।
'वर्ल्ड कप और ओलंपिक गोल्ड का सपना अब भी जिंदा'
इस ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचने के बाद भावुक मनप्रीत सिंह (जो इस महीने के अंत में 34 वर्ष के होने जा रहे हैं) ने कहा कि "भारत की जर्सी पहनकर इतने मैच खेलना मेरे लिए अकल्पनीय गर्व की बात है। मैं अपनी इस सफलता को टीम के साथियों और हॉकी इंडिया को समर्पित करता हूँ। भले ही मैंने 413 मैच खेल लिए हैं, लेकिन मैदान पर उतरने की मेरी भूख आज भी वैसी ही है। मेरा सपना देश के लिए वर्ल्ड कप और ओलंपिक का गोल्ड मेडल जीतना है, और यही सपना मुझे हर रोज सुबह उठकर मेहनत करने की प्रेरणा देता है। मेरा परिवार और मेरे बच्चे मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं।"
