बाराबंकी: बेटे की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को 10-10 साल की सजा, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ा फैसला

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Published By Ankit Yadav
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बाराबंकी, अमृत विचार। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत गैर इरादतन हत्या के एक चर्चित मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 18-18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-2 ने सुनाया।

2020 में हुई थी घटना

मामला सतरिख थाना क्षेत्र के बरकटही मजरे तिंदवानी गांव का है। अभियोजन के अनुसार, 10 अगस्त 2020 को जगमोहन पुत्र शंकर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि आपसी विवाद के दौरान बबलू और महेश, दोनों पुत्र रामस्वरूप ने उनकी पत्नी और बेटे पर लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया था। इस हमले में बेटे की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी का हाथ टूट गया था।

साक्ष्यों के आधार पर हुई सुनवाई

घटना के बाद सतरिख थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। तत्कालीन उपनिरीक्षक वीनेश कुमार सिंह ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पुलिस मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने अहम गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत ने सुनाई सजा

सभी पक्षों की दलीलें और साक्ष्य देखने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों बबलू और महेश को विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने दोनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 18-18 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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