यूपी के हर सरकारी स्कूल में बनेगा इको क्लब : पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार ने जारी किए 65.64 करोड़ रुपये
जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, ई-वेस्ट प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान पर रहेगा विशेष फोकस
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में समग्र शिक्षा के तहत ''इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ'' की गतिविधियों के संचालन के लिए करीब 65 करोड़ 63 लाख 95 हजार रुपये की लिमिट जारी की गई है। इसके तहत प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को 5 हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि तीन दिन के भीतर विद्यालयों के खातों में हस्तांतरित की जाए। साथ ही इको क्लब्स के गठन, उनके संचालन, मासिक गतिविधि कैलेंडर और निर्धारित दिशा-निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इको क्लब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को मिशन लाइफ के सात प्रमुख विषयों से जोड़ा जाएगा।
इनमें स्वस्थ एवं सतत जीवनशैली, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा कम करना और पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने जैसे विषय शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और पर्यावरण अनुकूल व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। विद्यालयों में जुलाई से मार्च तक निर्धारित कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां संचालित होंगी।
जुलाई में पौधरोपण और हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन व कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण और पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी-मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और विश्व जल दिवस से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ समुदाय को भी पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की योजना है।
हर विद्यालय में बनेगा इको क्लब
सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक पात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय में ''इको क्लब फॉर मिशन लाइफ'' का गठन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक क्लब के संरक्षक होंगे, जबकि एक शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। क्लब का पंजीकरण पोर्टल पर कराया जाएगा और नियमित बैठकों के साथ प्रत्येक गतिविधि का अभिलेखीकरण भी किया जाएगा।
निर्धारित गतिविधियों पर होगा खर्च
विद्यालयों को मिलने वाली ₹5,000 की राशि का उपयोग पौधरोपण, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, कम्पोस्ट निर्माण, शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी तथा अन्य पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों पर किया जाएगा। विद्यालयों को वित्तीय मानकों के अनुरूप व्यय करना होगा और सभी खर्च का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा।
समुदाय की भागीदारी से बनेगा जनआंदोलन
सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समितियों, अभिभावकों, स्थानीय निकायों और समुदाय की भागीदारी पर विशेष जोर दिया है। उद्देश्य विद्यालयों तक सीमित रहने के बजाय पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज तक पहुंचाना है। सभी विद्यालयों को गतिविधियों की फोटो, वीडियो और प्रगति रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसकी नियमित समीक्षा करेंगे।
