Shopian Encounter: शोपियां के बागों में घिरे लश्कर के दो आतंकी, कैमरों से सुराग मिलने के बाद 4 गांव कराए गए खाली

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Published By Anjali Singh
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो स्थानीय आतंकवादियों की तलाश के लिए चलाया गया अभियान सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के एक घने बाग में घिरे होने की आशंका है।

बाग में लगाए कैमरों से मिला सुराग, सुरक्षाबलों ने की घेराबंदी

अधिकारियों ने बताया कि इन आतंकवादियों को शुक्रवार को मीमंदर इलाके (जिसमें सात गांव आते हैं) के एक बाग में लगाए गए कैमरों में देखा गया, जिसके बाद इनका पता लगाने के लिए तड़के तलाशी अभियान को फिर से शुरू किया गया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कई टुकड़ियों की एक संयुक्त टीम ने इलाके में सख्त घेराबंदी की और रविवार शाम तक चार गांवों को खाली करा लिया।

सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, बाग में फंसे हुए दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। जाकिर 2024 से कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले वर्ष संगठन में शामिल हुआ था। शोपियां ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल रेंज से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग रहा है। अधिकारियों ने कहा कि हालांकि हमलों के लिए विदेशी आतंकवादियों का उपयोग बढ़ा है, लेकिन लतीफ और जाकिर जैसे स्थानीय आतंकियों को रोकना लॉजिस्टिक नेटवर्क को बाधित करने और इन संगठनों में स्थानीय भर्ती पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण है। 

उन्होंने बताया कि दोनों आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के रूप में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि जब सेना के जवान आगे बढ़े तो आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों और उनके बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।

कुलगाम के रहने वाले हैं दोनों आतंकी

सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, बाग में फंसे हुए दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। जाकिर 2024 से कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले वर्ष संगठन में शामिल हुआ था।


शोपियां का रणनीतिक महत्व

शोपियां ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल रेंज से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग रहा है। अधिकारियों ने कहा कि हालांकि हमलों के लिए विदेशी आतंकवादियों का उपयोग बढ़ा है, लेकिन लतीफ और जाकिर जैसे स्थानीय आतंकियों को रोकना लॉजिस्टिक नेटवर्क को बाधित करने और इन संगठनों में स्थानीय भर्ती पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

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