राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद : ट्रस्ट का दावा- दान में मिले सभी आभूषण सुरक्षित, 2926 भेंट का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज
चांदी की वस्तुएं टकसाल में गलाकर बनाई गईं छड़ें
: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सोमवार को समर्पण निधि व दान में मिले आभूषणों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया। ट्रस्ट ने साफ किया कि नकद राशि के अतिरिक्त अनेक श्रद्धालुओं ने वस्तु के रूप में प्रभु श्रीरामलला को भेंट अर्पित की हैं।
अयोध्या कार्यालय, अमृत विचार : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सोमवार को समर्पण निधि व दान में मिले आभूषणों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया। ट्रस्ट ने साफ किया कि नकद राशि के अतिरिक्त अनेक श्रद्धालुओं ने वस्तु के रूप में प्रभु श्रीरामलला को भेंट अर्पित की हैं। ऐसी कुल 2926 भेंट प्राप्त हुई हैं, जो समस्त तिथि अनुसार, सम्पूर्ण विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं। उनका भौतिक सत्यापन एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा आंतरिक अंकेक्षक के नाते प्रति वर्ष किया जाता है।
काउंटर पर ऐसी भेंट देने वाले समस्त श्रद्धालुओं को रसीद दी गई हैं। काउंटर के अतिरिक्त दी गई भेंट हेतु भी उन समस्त श्रद्धालुओं को रसीद दी गई हैं, जिन्होंने दानदाता का विवरण दिया। बताया गया कि जो श्रद्धालु अपनी दी हुई भेंट का उपयोग जानना अथवा सत्यापन करना चाहें, वे कभी भी ट्रस्ट के अधिकारी से तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या पधारें और प्रभु श्री रामलला के दर्शन के साथ अपनी भेंट का सत्यापन कर सकते हैं। बताया की चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में गला कर छड़ें बनाई गई हैं। जिनके मूल स्वरूप का विवरण फोटो व वजन सहित उपलब्ध है। गलाने के पश्चात चांदी की शुद्धता और कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध हैं।
यह भी कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से संबंद्ध में किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध अनियमितता के ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक आरोप लगाने के बजाय एसआईटी अथवा संबंधित जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए। जांच एजेंसियां प्रमाणों के आधार पर अवश्य कार्रवाई करेंगी। ट्रस्ट द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में अनियमितता से न्यासीगण आहत एवं चिंतित हैं और इस दुर्भाग्यकारी प्रकरण पर गंभीर खेद व्यक्त करते हैं।
ट्रस्ट को मिले 3,264 करोड़ रुपये, 2,370 निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग
ट्रस्ट द्वारा सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार निधि समर्पण अभियान एवं अन्य दान के माध्यम से ट्रस्ट को 3264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग की गई है। प्रारंभ से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है। जिसमें से 391 करोड़ रुपये की राशि संचालन व्यय में उपयोग ली गई। शेष राशियां बैंक खातों में उपलब्ध है। बताया कि यह समस्त वित्तीय सूचनाएं समय-समय पर ट्रस्ट ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत भी की हैं।
