स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा एलान, 'गौहत्या बंद होने तक जारी रहेगा धर्मयुद्ध'
नैमिषारण्य पहुंची शंकराचार्य की गविष्टि यात्रा, नैमिषारण्य में हुआ स्वागत
सीतापुर, अमृत विचार। ज्योतिष एवं द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि' गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा शनिवार को अपने 64 वें दिन हरदोई के रास्ते सीतापुर जनपद में प्रवेश कर गई। नैमिषारण्य की सीमा पर स्थित गोमती पुल पर बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूर्व कारागार राज्य मंत्री रामपाल राजवंशी और स्थानीय संतों ने शंकराचार्य का अभिनंदन किया।
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ठाकुरनगर तिराहे पर आयोजित सभा में शंकराचार्य ने जनसमूह को 'गौमाता राष्ट्रमाता' और गोरक्षा का संकल्प दिलाया।
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उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि वर्तमान केंद्र व राज्य सरकार ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया, तो वे ऐसी सरकार का खुलकर विरोध करेंगे।
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उन्होंने साफ किया कि गौहत्या बंद होने तक यह धर्मयुद्ध जारी रहेगा। कार्यक्रम के बाद यात्रा मिश्रिख की ओर रवाना हो गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
