Scrub Typhus Alert: सिर्फ बुखार नहीं, लिवर और किडनी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है स्क्रब टायफस, KGMU-PGI शोध में बड़ा खुलासा
केजीएमयू और एसजीपीजीआई के संयुक्त अध्ययन में 22 मरीजों के लिवर एंजाइम, यूरिया और क्रिएटिनिन का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक मिला। विशेषज्ञों ने समय पर जांच और इलाज को बताया जीवनरक्षक।
लखनऊ, अमृत विचारः स्क्रब टायफस को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। यह संक्रमण केवल तेज बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लिवर और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। यह महत्वपूर्ण तथ्य ,,किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू),, और ,,संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई),, के संयुक्त शोध में सामने आया है।
इस अध्ययन में पाया गया कि स्क्रब टायफस से संक्रमित मरीजों में लिवर और गुर्दों की कार्यक्षमता पर स्पष्ट प्रभाव देखा गया। इस शोध को यूरोपियन जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड इंटरनेशनल हेल्थ ने भी मान्यता प्रदान की है।
अध्ययन में केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. जितेन्द्र सिंह, डॉ. वीरेन्द्र आतम, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. मुन्ना लाल पटेल, डॉ. अजय कुमार पटवा तथा एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. अंजू दिनकर शामिल रहीं।
शोध के दौरान स्क्रब टायफस से संक्रमित 22 मरीजों का अध्ययन किया गया। सभी मरीजों में संक्रमण की पुष्टि आईजीएम एलाइजा (IgM ELISA) जांच के माध्यम से हुई। इसके बाद की गई लैब जांच में लिवर एंजाइम एएलटी (ALT) और एएसटी (AST) के साथ-साथ किडनी की कार्यक्षमता दर्शाने वाले यूरिया और क्रिएटिनिन का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि यह संक्रमण लिवर और गुर्दे दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्क्रब टायफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी (Orientia tsutsugamushi) नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित चिगर (लार्वा) के काटने से फैलता है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि अधिकांश मरीज शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो जाती है।
उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी मरीज को बुखार के साथ लिवर एंजाइम बढ़े हुए मिलें, पीलिया हो, प्लेटलेट्स की संख्या कम हो या किडनी संबंधी समस्या दिखाई दे, तो स्क्रब टायफस की जांच जरूर करानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते बीमारी की पहचान होने पर विशेष दवाओं के माध्यम से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है और लिवर, किडनी समेत अन्य अंगों को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
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