जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का नया प्लान: बिजरानी समेत कई जोन बंद, अब सिर्फ 3 जोनों में होगी सफारी
रामनगर, अमृत विचार: मानसून की दस्तक के साथ ही विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट लैंडस्केप के अधिकांश पर्यटन जोन बंद हो चुके है। मंगलवार की शाम की अंतिम सफारी के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का चर्चित बिजरानी पर्यटन जोन भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। इसके साथ ही रामनगर वन प्रभाग के सीतावनी, भंडारपानी, पवलगढ़, कॉर्बेट हेरिटेज जोन, कॉर्बेट फॉल तथा तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन भी मानसून सीजन के लिए बंद हो गए हैं। हर वर्ष की तरह जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों के प्रजनन काल और बरसात के दौरान खराब होने वाले वन मार्गों को देखते हुए इन जोनों को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है
ढिकाला पहले ही हो चुका बंद
कॉर्बेट का सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित ढिकाला पर्यटन जोन हर वर्ष की तरह इस बार भी 15 जून को बंद कर दिया गया था। ढिकाला के साथ ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभी वन विश्राम गृहों और रात्रि विश्राम की सुविधाएं भी बंद कर दी गई थीं। अब पर्यटक ढिकाला क्षेत्र का आनंद सीधे 15 नवंबर के बाद ही ले सकेंगे। ढिकाला का आकर्षण केवल जंगल सफारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां ठहरकर वन्यजीवन को करीब से देखने का अनुभव भी पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। मानसून के दौरान रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और जंगल मार्गों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना के चलते इसे हर साल बंद रखा जाता है.
रामनगर वन प्रभाग के ये जोन भी हुए बंद
सीतावनी पर्यटन जोन, भंडारपानी जोन, पवलगढ़ जोन, कालाढूंगी स्थित कॉर्बेट हेरिटेज जोन और नया गांव स्थित कॉर्बेट फॉल भी 30 जून की शाम से बंद कर दिए गए हैं। इन सभी पर्यटन स्थलों को अब 15 अक्टूबर से फिर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। बरसात के मौसम में इन क्षेत्रों में सड़कें और वन मार्ग क्षतिग्रस्त होने की आशंका रहती है। साथ ही, यह समय वन्यजीवों के लिए भी बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वन विभाग पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाता है।
इस बार यह हुआ खास बदलाव
तराई पश्चिम वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले फाटो पर्यटन जोन और हाथीडंगर पर्यटन जोन को भी मंगलवार शाम से बंद कर दिया गया है। विशेष बात यह है कि फाटो जोन को पहली बार मानसून सीजन में पूरी तरह बंद किया गया है, पहले यहां सीमित गतिविधियां संचालित होती थीं, लेकिन इस बार तराई पश्चिमी ने सुरक्षा और संरक्षण के मद्देनजर इसे भी मानसून अवधि के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। इन दोनों जोनों को 1 अक्टूबर से दोबारा पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी रहेगी।
जुलाई से सितंबर में रामनगर आ रहे हैं यह भी जानें
अगर आप जुलाई, अगस्त या सितंबर के दौरान रामनगर और कॉर्बेट घूमने की योजना बना रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकांश लोकप्रिय पर्यटन जोन फिलहाल बंद हो चुके हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जंगल सफारी पूरी तरह बंद हो गई है। मानसून के दौरान भी पर्यटक तीन प्रमुख पर्यटन जोनों कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के गर्जिया पर्यटन जोन, झिरना पर्यटन जोन और ढेला पर्यटन जोन में जंगल सफारी का रोमांच ले सकते हैं। ये तीनों जोन पूरे वर्ष संचालित किए जाते हैं। केवल अत्यधिक वर्षा, बाढ़ या किसी विशेष परिस्थिति में ही इन्हें अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। सामान्य मानसून के दौरान यहां नियमित रूप से जंगल सफारी जारी रहेगी।
कब खुलेंगे कौन-कौन से पर्यटन जोन
1 अक्टूबर: फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन
15 अक्टूबर: बिजरानी, सितावानी, भंडारपानी, पवलगढ़, कॉर्बेट हेरिटेज जोन और कॉर्बेट फॉल
15 नवंबर: ढिकाला पर्यटन जोन एवं रात्रि विश्राम सुविधाएं भी उसी दिन से चालू हो जाएगी।
