PM मोदी ने पेजेश्कियन से फोन पर की बात, ईरानी राष्ट्रपति बोले- होर्मुज में स्वतंत्रता आवाजाही भारत और दुनिया के लिए अहम

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

- सभी मुद्दे बातचीत और कूटनीति से सुलझाने पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। पेजेश्कियन ने मोदी को पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं और आगे की राह के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने बातचीत में भारत और दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता के महत्व को फिर से दोहराया।

प्रधानमंत्री ने भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिये सुलझाया जाना चाहिए। मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा नौवहन एवं व्यापार की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करने की आवश्यकता बताई। 

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लगातार कोशिशों से इलाके में स्थायी शांति आएगी। इससे पहले, पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। खामेनेई का अंतिम संस्कार अगले सप्ताह आयोजित होगा। 

अंतिम संस्कार की रस्में पांच से नौ जुलाई तक होंगी। खबरों के मुताबिक, सरकार भारत के प्रतिनिधि के तौर पर बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा को भेजने की योजना बना रही है। अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए 18 जून को 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' पर हस्ताक्षर किए थे। इस शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर सहित कई मध्यस्थों ने अहम भूमिका निभाई। इन देशों ने पहले आठ अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति कराई थी, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया।

ऊर्जा आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है होर्मुज से

शांति समझौते के बाद हॉर्मुज को फिर से खोल दिया गया। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को संयुक्त हमले किए जाने के बाद, ईरान की जवाबी कार्रवाई से इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी। इसके कारण कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया था।

ये भी पढ़ें  : 
LPG Price Cut: अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बाद घटे कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम, जानें नए रेट

संबंधित समाचार