हरदोई: जच्चा-बच्चा की मौत, शव को जबरन एम्बुलेंस में ठूंसकर किया रेफर
डॉक्टर और आशा बहू पर लापरवाही का आरोप, मुख्यमंत्री को भेजी पाती
हरदोई, अमृत विचार : निजी हास्पिटल में कथित लापरवाही के चलते गर्भवती और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं डेड बॉडी को जबरन एम्बुलेंस में ठूंस कर रेफर भी कर दिया। साथ ही आशा बहू पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी भेज कर जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बताया गया है कि हरियावां थाने के मुरवां निवासी अमित का कोतवाली देहात के विकास नगर में मकान है, लेकिन वह दिल्ली टैक्सी चलाकर पत्नी सपना और बेटे वेंकटेश्वर के साथ वहीं रहता था। उसने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी सपना गुप्ता को लेकर पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया हुआ था।
23 जुलाई की सुबह सपना को प्रसव पीड़ा हुई। पड़ोस की आशा बहू के कहने पर पत्नी को कैनाल रोड पर एक निजी हास्पिटल लेकर पहुंचा, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरु किया गया। अमित का आरोप है कि उसे हास्पिटल में एक्सपर्ट डाक्टर होने का झूठा आश्वासन दिया गया था, इस दौरान उससे 44 हज़ार रुपये भी वसूले गए। उसी दिन कथित गलत इलाज और बेहोशी की दवा की ओवरडोज़ के चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई,उसके कुछ देर बाद सपना गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया, लेकिन उसे कुछ नहीं बताया गया।
अमित का कहना है कि मामला दबाने के लिए उसकी पत्नी को लखनऊ रेफर करने की बात कहते हुए उसे जबरन एम्बुलेंस में ठूंस कर भेज दिया। जबकि कछौना के एक निजी हास्पिटल के डाक्टरों के मुताबिक उसके पत्नी की दो घंटे पहले ही मौत हो चुकी थी। अमित ने मामले की जांच करा कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
