13 साल बाद माता-पिता ने लाइव देखा मैच, जीत से ज्यादा खास था अर्जुन-हरिहरन का ये भावुक पल
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन ने जीत के साथ अभियान शुरू किया। लेकिन अर्जुन के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि करीब 13 साल बाद उनके माता-पिता ने उन्हें स्टेडियम में लाइव खेलते देखा।
नई दिल्लीः बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के ओपनिंग राउंड में भारतीय पुरुष युगल जोड़ी एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन ने शानदार शुरुआत की। हालांकि, इस जीत से अर्जुन के लिए इससे भी बड़ा भावनात्मक पल स्टेडियम में उनके माता-पिता और पत्नी की मौजूदगी रही।
अर्जुन ने मुकाबले के बाद बताया कि उनके माता-पिता करीब 13 साल बाद उन्हें लाइव खेलते देखने के लिए स्टेडियम पहुंचे। उनके लिए यह पल किसी जीत से कम खास नहीं था।
8 साल की उम्र से पिता ने संभाला साथ
अर्जुन ने बताया कि जब वह करीब आठ साल के थे, तब उनके पिता उन्हें देशभर में होने वाले जूनियर मुकाबलों में लेकर जाते थे। बाद में उन्हें लगा कि अकेले खेलना और यात्रा करना उनके लिए बेहतर है।
हालांकि, उनके पिता ने इसके बाद भी उनके खेल से दूरी नहीं बनाई। वह अर्जुन के मैच देखते रहे और उनके प्रदर्शन पर नजर रखते रहे। अर्जुन के मुताबिक, मैच के बाद जब पिता बताते हैं कि उन्होंने मुकाबला देखा है, तो यह उनके लिए हमेशा खास एहसास होता है।
घरेलू दर्शकों ने दिया अतिरिक्त जोश
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। अर्जुन और हरिहरन को पहले राउंड में इतनी बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद नहीं थी।
अर्जुन ने बताया कि जैसे ही उनका नाम अनाउंस हुआ, स्टेडियम में जोरदार चीयरिंग शुरू हो गई। इससे दोनों खिलाड़ियों को अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला।
हरिहरन ने भी माना कि जब वे मुकाबले में पीछे हो रहे थे, तब दर्शकों की आवाज ने उनका हौसला बढ़ाया और आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद की।
पहले गेम में शुरुआती बढ़त बनी जीत की कुंजी
अर्जुन-हरिहरन की जोड़ी ने आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया।
अर्जुन के मुताबिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप के शुरुआती मुकाबले में पहले कुछ अंक हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने माना कि अगर शुरुआत में दबाव बन जाता तो मुकाबला मुश्किल हो सकता था।
दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 6-4 से आगे थी, तभी आयरिश जोड़ी ने चोट के कारण मुकाबला छोड़ दिया। इसके साथ ही अर्जुन और हरिहरन को पहले राउंड में जीत मिल गई।
कोर्ट की परिस्थितियों को लेकर भी तैयार थी भारतीय जोड़ी
घरेलू मैदान पर खेलने के बावजूद अर्जुन को कोर्ट की परिस्थितियां पिछले टूर्नामेंटों के समान लगीं। उन्होंने कहा कि टीम ऐसी परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार थी।
हरिहरन के मुताबिक, कोर्ट पर अपेक्षित साइड ड्रिफ्ट नहीं था। हवा मुख्य रूप से आगे से पीछे की तरफ चल रही थी और दोनों सिरों पर उसकी गति में अंतर था।
भारतीय जोड़ी अब इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में आगे बढ़ना चाहेगी।
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