महीनों से लिपिक PHC से नदारद, मिलता रहा वेतन, कैसे बना करोड़पति?

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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बाराबंकी के त्रिलोकपुर PHC में तैनात अजय श्रीवास्तव पर लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने के आरोप; विजिलेंस की छापेमारी में लखनऊ-गोंडा के ठिकानों से संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात

रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर अंतर्गत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिलोकपुर में सरकारी व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां लिपिक के पद पर तैनात कर्मी के अस्पताल में नियमित रूप से गायब होने के बावजूद हर महीने वेतन जारी होता रहा। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। 

त्रिलोकपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की मानें तो यहां पर बतौर लिपिक तैनात रहे अजय श्रीवास्तव का वर्ष 2022 में बहराइच से त्रिलोकपुर पीएचसी में तबादला हुआ था। आरोप है कि तबादले के बाद से वह अस्पताल में बेहद कम नजर आए। कर्मचारियों का दावा है कि करीब चार वर्षों में उन्हें केवल एक-दो बार ही स्वास्थ्य केंद्र में देखा गया। इसके बावजूद उनका वेतन हर माह नियमित रूप से जारी होता रहा। बड़ा सवाल अब उपस्थिति रजिस्टर और वेतन भुगतान के अभिलेखों को लेकर है। लिपिक लंबे समय तक अस्पताल नहीं आया तो उनकी उपस्थिति किसने दर्ज की ? वेतन जारी करने के लिए आवश्यक अभिलेखों पर किस स्तर से कार्रवाई हुई ? क्या पूरे मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही रही या फिर मिलीभगत से सरकारी धन का भुगतान होता रहा ? रामनगर सीएचसी अधीक्षक प्रणव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अजय श्रीवास्तव की वर्ष 2022 में बहराइच से रामनगर में तैनाती हुई थी। त्रिलोकपुर पीएचसी प्रभारी द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों के आधार पर ही वेतन जारी किया जाता था। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा रंजन गौतम ने बताया कि उनके बाराबंकी आने के बाद कर्मी का वेतन रोक दिया गया है। पहले के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते, उपस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

पीएचसी का लिपिक निकला करोड़पति

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का लिपिक 108 कमरों वाले होटल का मालिक निकला। यह सुनने में शायद ही सच लगे पर सच ही है। लिपिक अजय श्रीवास्तव इस समय विजिलेंस, सीआईडी जैसी संस्थाओं की हिट लिस्ट पर है। गायब लिपिक को सिरे से तलाशा जा रहा है। सूत्राेें ने बताया कि जांच एजेंसियों की अब तक की पड़ताल में 28 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज सामने आए हैं। बीते दिन विजिलेंस की तीन टीमों ने एक साथ गोंडा और लखनऊ स्थित लिपिक के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। सबसे खास बात यह कि यह लिपिक लखनऊ में 108 कमरों वाले छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल का मालिक तो है ही साथ ही कई भूखंड, मकान, कृषि भूमि और कंपनियों से भी जुड़ा हुआ है। जांच इस बिंदु पर की जा रही कि अाखिर एक पीएचसी के लिपिक के पास इतनी संपति जुटी कैसे।

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