Badaun News : कछला गंगा में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा पानी, तटवर्ती इलाकों में अलर्ट
महावा बांध की मरम्मत के आदेश, मिट्टी कटने से बढ़ा खतरा
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने कदम मंगला गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से जारी कटान के चलते हजारों बीघा कृषि भूमि गंगा की धारा में समा चुकी है। करीब एक दर्जन मकान गंगा की धारा में समा जाने की बात सामने आई है।
अमृत विचार : नरोरा बैराज से लगातार बढ़ रहा पानी अब खतरा बनता जा रहा है। बदायूं में कछला गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उसहैत क्षेत्र में गंगा का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण भयभीत हैं। बाढ़ खंड ने सहसवान क्षेत्र में निरीक्षण के बाद बांध पर फिर से मिट्टी डालने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को नरौरा बैराज से एक लाख 34 हजार 584 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। एक दिन पहले भी उतना ही पानी डिस्चार्ज किया गया। लगातार आ रहे अधिक पानी से अब फिर से उसहैत क्षेत्र में हालात बेकाबू हो रहे हैं।हजारों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है, गांव के अनेक मकान कट चुके हैं।
नदी में समाई हजारों बीघा जमीन
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने कदम मंगला गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से जारी कटान के चलते हजारों बीघा कृषि भूमि गंगा की धारा में समा चुकी है। करीब एक दर्जन मकान गंगा की धारा में समा जाने की बात सामने आई है।
बाढ़ से हालात बेकाबू हो रहे हैं। शनिवार को कदम नगला गांव के अमित यादव के घर तक पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों में दहशत है। प्रभावित परिवार अपने घरों से जरूरी सामान
निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं। कई परिवार सोलर पैनल और बिजली के अन्य उपकरण भी घरों से उतारकर सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने घर और सामान को बढ़ते पानी और कटान से बचाने की है।
नदी की रफ्तार से सहमे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सामने खतरा केवल बाढ़ के पानी का नहीं, बल्कि गंगा के लगातार बढ़ते कटान का भी है। नदी की धार पिछले कई दिनों में गांव का बड़ा हिस्सा निगल चुकी है। खेतों के बाद अब कटान आबादी की ओर पहुंच गया है।
कटाव से प्रभावित परिवारों में राजाराम, नेक राम, पाती राम, आसाराम, जगपाल, धनपाल, सुनील, अनिल, महेश कुमार, मीना, उमेश और अजय सहित कई लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कटान का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले समय में आबादी के लिए खतरा और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा, राहत और बचाव के तत्काल इंतजाम कराने की मांग की है।
कछला गंगा किनारे बढ़ाई चौकसी
कछला गंगा का जलस्तर शनिवार को 162,55 मीटर गेज मापा गया। गंगा का जल स्तर 15 सेमी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जिससे अब खतरा और बढ़ गया है। कछला गंगा किनारे सुरक्षा की दृष्टि से नगर पंचायत कर्मचारी तैनात किए गए हें। गंगा के अंदर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। उधर चंदनपुर हुसेनपुर गांव के बांध से पानी टकरा रहा है जिससे बांध को और खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ खंड ने बांध की मरम्मत करने रहने के निर्देश दिए हैं।
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