69000 शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थियों ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह से की मुलाकात, मदद का मिला आश्वासन
लखनऊ, अमृत विचार : 69000 शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार मंत्री और नेताओं के दरवाजे खट खटा रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला। रविवार को इरशाद अहमद ने आम आदमी पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इरशाद ने बताया की बीते 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान विभाग ने एक एफिडेविट प्रस्तुत किया था। एफिडेविट में दिये गए आंकड़ों से अभ्यर्थी असंतुष्ट हैं। एफिडेविट में कुल 8270 पदों का आकड़ा सूची सहित दिया गया हैं। जिसमें यह बताया गया कि 3324 पद ओबीसी वर्ग के ऐसे हैं जिन्हें नौकरी में पहले से होना चाहिए था, लेकिन नौकरी में नियुक्त नहीं हो पाए। विभाग ने 4946 पदों का एक आँकड़ा ऐसा दिया हैं जो विरोधाभासी है। 4946 पदों के आंकड़े को बताया गया कि यह उन अभ्यर्थियों का है जिन्हें नौकरी के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई ज्वाइन नहीं किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब 4946 पद पर कोई अभ्यर्थी ज्वाइन करने नहीं आए तो उनका नाम अभी तक क्यों बरकरार रखा गया है। होना यह चाहिए की मेरिट डाउन करके नीचे के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाय। एफिडेविट के मुताबिक जनरल वर्ग के 1144 ओबीसी वर्ग के 2524 एससी के 1244, एसटी 34 सीट रिक्त हैं।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
संविधान और आरक्षण के लिए BJP सबसे बड़ा ख़तरा है।
BJP ने आरक्षण ख़त्म करने को लेकर फिर से मुहिम तेज कर दी है।
इस कोशिश को नाकाम करना ही होगा।
69 हज़ार शिक्षक भर्ती में योगी सरकार ने पिछड़ों का हक़ मारा है।
सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
ऐसे तमाम मुद्दों पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. @yadavakhilesh जी से विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
