नेपाल की त्रासदी को लेकर महराजगंज में बढ़ी टेंशन, नदियों का जलस्तर बढ़ा; प्रशासन अलर्ट

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Edited By Muskan Dixit
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तटबंधों पर कड़ी निगरानी

गंडक खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे, महाव नाला एक फीट नीचे; चार शवों की पहचान के लिए नेपाल प्रशासन से संपर्क

महराजगंजः नेपाल में हाल के दिनों में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती महराजगंज जिले में भी प्रशासन ने अलर्ट बढ़ा दिया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव से जुड़ी टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है और नदियों के जलस्तर के साथ तटबंधों की स्थिति पर भी निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन के मुताबिक जिले की सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि नेपाल में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए तराई क्षेत्र में जलभराव और कटाव का खतरा बना हुआ है।

गंडक खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे

प्रशासन के अनुसार जिले की प्रमुख नदी गंडक का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे है। वहीं महाव नाला खतरे के निशान से करीब एक फीट नीचे बह रहा है।

नेपाल से बहकर आए चार शवों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। मृतकों की शिनाख्त के लिए महराजगंज प्रशासन नेपाली प्रशासन के संपर्क में है।

बैराजों से पानी छोड़े जाने पर बढ़ी निगरानी

नेपाल में बागमती, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में भी बाढ़ का अलर्ट है। विभिन्न बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण तराई क्षेत्रों में जलभराव और कटाव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में महराजगंज प्रशासन ने नदियों, नालों और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है।

सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित

बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सिंचाई खंड-2 की रिपोर्ट के अनुसार महराजगंज जिले और नेपाल क्षेत्र से जुड़े सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं।

अधिकांश नदियों का जलस्तर नियंत्रण में है। हालांकि कुछ प्रमुख बैराज और नालों में जलस्तर तथा पानी के डिस्चार्ज में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,02,100 क्यूसेक डिस्चार्ज

रिपोर्ट के मुताबिक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,02,100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और इसमें बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

बैराज पर अपस्ट्रीम का जलस्तर 110.41 मीटर और डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 106.89 मीटर दर्ज किया गया है।

रोहिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे

त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 78.38 मीटर पर स्थिर है। यहां खतरे का निशान 82.44 मीटर है। वहीं रतनपुर स्थित रोहिन बैराज से 1,038 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

दूसरी ओर, महाव नाले का जलस्तर बढ़कर चार फीट हो गया है, जबकि खतरे का निशान पांच फीट है।

राप्ती और प्यास नदी के जलस्तर में गिरावट

रिगोली में राप्ती नदी का जलस्तर 76.42 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं प्यास नदी का जलस्तर 100.80 मीटर है। प्रशासन के अनुसार दोनों नदियों के जलस्तर में फिलहाल गिरावट दर्ज की जा रही है।

निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

प्रशासन की ओर से जिले की सभी नदियों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल महराजगंज में बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में बताई गई है।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। किसी भी तरह की हलचल पर तत्काल नजर रखने के लिए टीमें तैनात की गई हैं।

उन्होंने बताया कि सोहगीबरवा क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं और हालात की लगातार निगरानी की जा रही है।

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