नेपाल की बाढ़ का यूपी में दिखा खौफनाक असर, कुशीनगर में गंडक नदी से मिले 3 शव; मचा हड़कंप
बैराज के पास तैरते मिले शव, अब तक नहीं हो सकी पहचान; नदी में बहकर आ रहे वाहन और घरेलू सामान, प्रशासन ने लोगों को दी चेतावनी
कुशीनगर: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में गंडक नदी से तीन शव बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक तीनों शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन ने नेपाल के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से संपर्क कर शवों की शिनाख्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को खड्डा क्षेत्र के मदनपुर-सुकरौली इलाके में बैराज के तीसरे खंभे के पास नदी में तीन शव दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की निगरानी टीम ने शवों को नदी में तैरते देखा था, जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
नेपाल प्रशासन से संपर्क, शवों की पहचान की कोशिश
खड्डा थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि शवों की पहचान कराने के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। हालांकि अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि कहीं ये शव नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता हुए लोगों के तो नहीं हैं।
गंडक नदी में बहकर आ रहा मलबा और सामान
नेपाल में आई आपदा के बाद गंडक नदी में केवल शव ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और अन्य मलबा भी बहकर कुशीनगर की ओर आ रहा है।
नदी किनारे बहकर आए सामान को निकालने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे सामान निकालने के लिए नदी में न उतरें।
अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि यदि नदी में कोई सामान या अन्य वस्तु बहती दिखाई दे तो उसे निकालने की कोशिश करने के बजाय तत्काल प्रशासन को इसकी सूचना दें।
महराजगंज में भी मिले थे चार शव
कुशीनगर में तीन शव मिलने की घटना पड़ोसी जिले महराजगंज में चार शव बरामद होने के एक दिन बाद सामने आई है। वहां भी नेपाल की ओर से बहकर आए शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले थे और उनकी पहचान नहीं हो सकी थी।
महराजगंज प्रशासन नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद शव नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता हुए लोगों के हैं या नहीं।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। आपदा में लोगों की जान जाने के साथ ही बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कुशीनगर में गंडक नदी पर बढ़ी निगरानी
तीन शव मिलने के बाद कुशीनगर प्रशासन ने गंडक नदी और आसपास के इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी है। एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में पहले ही सतर्कता बढ़ा दी गई थी।
तत्काल बाढ़ का खतरा टला, फिर भी प्रशासन अलर्ट
अधिकारियों का कहना है कि अब नदी का बहाव कम होने के साथ बाढ़ का तत्काल खतरा टल गया है। हालांकि नेपाल में हुई भारी तबाही और नदी में लगातार मलबा आने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अभी भी पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने और बहकर आए सामान को निकालने के लिए पानी में उतरने से बचने की अपील की है।
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