हल्द्वानी: मंडी कर्मचारियों पर मडराने लगा नौकरी का खतरा
हल्द्वानी,अमृत विचार। संशोधित मंडी अधिनियम लागू होने के कारण नगर स्थित नवीन मंडी में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा मंडराने लगा है। यहां पर नियमित और अन्य माध्यमों से कार्यरत कर्मचारियों की संख्या वर्तमान में 75 से ज्यादा है। पिछले सत्र से लागू अधिनियम के तहत मंडी शुल्क पर रोक लगाए जाने से …
हल्द्वानी,अमृत विचार। संशोधित मंडी अधिनियम लागू होने के कारण नगर स्थित नवीन मंडी में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा मंडराने लगा है। यहां पर नियमित और अन्य माध्यमों से कार्यरत कर्मचारियों की संख्या वर्तमान में 75 से ज्यादा है। पिछले सत्र से लागू अधिनियम के तहत मंडी शुल्क पर रोक लगाए जाने से कर्मचारियों का वेतन व मंडी में अन्य सुविधाएं सुचारु नही हो पा रही हैं। वर्तमान में मंडी द्वारा एक करोड़ से भी कम की वसूली की जा रही है।
मंडी में फसलों की आवक से प्रत्येक वर्ष 16 करोड़ से ज्यादा की मंडी शुल्क के रुप में टैक्स की वसूली की जाती है। अधिनियम लागू होने के बाद ही यहां फसलों की आवक में कमी आई है। यहां आने वाली फसलों पर दो प्रतिशत का मंडी शुल्क और 0.5 प्रतिशत का सुविधा शुल्के वसूला जाता है। लेकिन पिछले सत्र से यह नही लिए जाने के कारण मंडी को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में फिलहाल 33 नियमित, 20 चतुर्थ श्रेणी व सुरक्षा गार्ड, 25 सफाई कर्मचारी हैं।
————
आवक नही होने से यह प्रभाव पड़े
नवीन मंडी द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क से यहां की साफ- सफाई के अलावा मुख्य रुप से कर्मचारियों का वेतन भी उससे दिया जाता है। मंडी परिसर में व्यापारियों और पहुंचने वाले किसानों के लिए भी सुविधाएं मुहैया कराई जाती रही हैं।
———–
गेट पास भी बंद
फसली सीजन में सब्जियों व फलों को दूसरी जगहों पर ले जाने के लिए मंडी द्वारा गेट पास दिया जाता है। पास की एवज में मिलने वाले राजस्व में भारी कमी आई है। पूर्व में गेट पास के लिए रोजाना चार से पांच सौ तक बड़ी गाड़ियां आती थी, जबकि वर्तमान में सिर्फ 100 – 150 छोटी गाड़ियां ही आ रही है।
—————
मंडी में व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिनियम लागू होने के बाद से फसलों के आवक में निश्चित रूप से कमी आई है। उमेश चंद्र त्रिपाठी, मंडी निरीक्षक
