हल्द्वानी: नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में शुरू होगी जिप्सी सफारी

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हल्द्वानी,अमृत विचार। अब सैलानी जिप्सी सफारी से नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य के जंगलों की खूबसूरती का दीदार करने के संग ही बाघों को भी निहार सकेंगे। जंगलात, कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में जिप्सी सफारी शुरू करने की तैयारियां कर रहा है। हल्द्वानी वन डिविजन के अंतर्गत नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य के जंगल …

हल्द्वानी,अमृत विचार। अब सैलानी जिप्सी सफारी से नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य के जंगलों की खूबसूरती का दीदार करने के संग ही बाघों को भी निहार सकेंगे। जंगलात, कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में जिप्सी सफारी शुरू करने की तैयारियां कर रहा है।

हल्द्वानी वन डिविजन के अंतर्गत नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य के जंगल तीन जिलों नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत से होते हुए अंतर्राष्ट्रीय बार्डर नेपाल तक फैले हुए हैं। यहां की अनूठी जैव विविधता प्रदेश ही नहीं देश विदेश में भी प्रसिद्ध है। बावजूद इसके चुनिंदा सैलानी ही अभ्यारण्य तक पहुंच पाते हैं। अब जंगलात यहां पर ईको पर्यटन विकसित करने की योजना तेज कर दी है। इसी क्रम में नंधौर अभ्यारण्य में मार्च से जिप्सी सफारी शुरू की जाएगी। शुरूआती चरण में नंधौर और टनकपुर में प्रवेश गेट बनाए जाएंगे। फिर सैलानियों की संख्या के आधार पर गेटों में वृद्धि भी की जा सकती है। इधर वन विभाग ने जिप्सी सफारी को लेकर रुपरेखा जैसे जिप्सी के पंजीयन की शर्तें, संख्या, समय, सफारी का जंगल में दायरा आदि बनाना शुरू कर दी है। रुपरेखा तैयार होते ही जिप्सी के पंजीयन के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। इस बाबत प्रस्ताव मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेज दिया गया है।

जिप्सी सफारी शुरू होने से ये होंगे फायदे 
जिप्सी संचालन से हल्द्वानी, टनकपुर के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
ईको टूरिज्म गतिविध नेचर गाइड, बर्ड वॉचिंग होने से जंगल से सटे गांवों के लोगों को रोजगार मिलेगा
होम स्टे वगैरह होने से ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होगी
सैलानियों के प्रवेश में पारदर्शिता बढ़ेगी और तस्करी पर लगाम कसेगी
परमिट जारी होने से वन विभाग की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी

 2012 में हुई थी नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य की स्थापना
नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य को साल 2012 में अभ्यारण्य घोषित किया गया था। इसका दायरा नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिलों से होते हुए नेपाल बार्डर तक फैला हुआ है। तकरीबन 270 वर्ग किमी में फैले इस अभ्यारण्य के जंगल में समृद्ध जैव विविधता है। यहां 106 से ज्यादा पेड़ों की प्रजाति, 30 से अधिक झाड़ी और 35 घास प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां के जंगलों में प्रमुख स्तनधारी वन्यजीव एशियाई हाथी, तेंदुए, बाघ, भालू, हिरन, चीतल, सांभर समेत पक्षियों की 250, मछलियों की 20 और सांपों की 15 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं।

कोट
नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में मार्च से जिप्सी सफारी शुरू करने की योजना है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक के निर्देशों और अभ्यारण्य की प्रबंध योजना के अनुसार कार्य किया जाएगा। अभी नंधौर व टनकपुर में दो गेट प्रस्तावित हैं, इनकी संख्या में वृद्धि भी हो सकती है। यह शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और वन विभाग की आय में भी वृद्धि होगी।
= कुंदन कुमार, निदेशक वन्यजीव अभ्यारण्य / प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी

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