बरेली: प्रेमी से विवाद पर बीएसए दफ्तर की महिला लिपिक ने लगाई फांसी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। बीएसए दफ्तर में तैनात महिला लिपिक ने प्रेमी से झगड़े के बाद दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह उसकी बेटी जब दूसरे कमरे में पहुंची और मां के शव को पंखे से लटका देखा तो उसकी चीख निकल गई। इस पर आस-पास के लोग वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना …

अमृत विचार, बरेली। बीएसए दफ्तर में तैनात महिला लिपिक ने प्रेमी से झगड़े के बाद दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह उसकी बेटी जब दूसरे कमरे में पहुंची और मां के शव को पंखे से लटका देखा तो उसकी चीख निकल गई। इस पर आस-पास के लोग वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। महिला प्रेमी के साथ लिव-इन-रिलेशन में रहती थी। इस कारण उसके परिवार ने उससे दो साल से बातचीत बंद कर दी थी। पुलिस ने प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।

प्रेमनगर के जनकपुरी निवासी प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी बहन रेखा रानी गंगवार (31) के पति शिक्षक थे। पांच साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद रेखा रानी को रामपुर बीएसए दफ्तर में लिपिक की नौकरी मिल गई थी। वह अपनी बेटी माही के साथ डीडीपुरम में किराये के मकान में रहती थी। गुरुवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन का शव पंखे से लटका मिला है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे तो रेखा का शव दुपट्टे के फंदे से लटक रहा था। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और जांच की।

मृतका के भाई का आरोप है कि प्रापर्टी डीलर दक्ष प्रताप दो साल से उनकी बहन को बहला फुसलाकर उसके साथ रह रहा था। दक्ष ने उनकी बहन से 17 लाख रुपये का कर्ज भी लिया था। बहन ने अपना पैसा मांगा तो दक्ष प्रताप ने उसकी हत्या कर शव को लटका दिया। आरोप है कि जहां रेखा का शव मिला वहां ज्यादा जगह नहीं है और वहां लटक कर सुसाइड नहीं किया जा सकता। बारादरी पुलिस ने परिवार के आरोप पर आरोपी दक्ष प्रताप को हिरासत में ले लिया है। देर शाम तक पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी।

चार साल से आरोपी के साथ थे संबंध
मृतका के भाई प्रताप सिंह के मुताबिक, उनके जीजा की मौत पांच साल पहले हुई थी। इसके बाद लगभग चार साल पहले प्रापर्टी डीलर दक्ष प्रताप से रेखा की पहचान हुई थी। फिर दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे और बाद में उनके संबंध बन गए। परिवार वाले इसका विरोध करते थे। जब वह नहीं मानी तो झगड़ा होने लगा। इस पर दो साल पहले दूसरे मकान में किराये पर रहने चली गई।

दक्ष ने लगवाई थी नौकरी, दोनों ने रखा था उपवास
रेखा के पति मिलक में शिक्षक थे। उनकी मौत के बाद दक्ष ने ही रेखा की मदद की थी। रामपुर, मिलक और लखनऊ के चक्कर काटकर उसकी नौकरी बीएसए दफ्तर में लगवाई थी। आठ माह पहले ही उसकी नौकरी लगी थी। आरोपी ने बताया कि बुधवार को रेखा और उसने पहली बार उपवास रखा था। शाम को वह रेखा से मिला और रात में दस बजे घर चला गया था। इसके बाद उसने 11 बजे रेखा से फोन पर बात की और इसी दौरान उसका झगड़ा हो गया।

शादीशुदा हूं… लेकिन माही मेरी जिम्मेदारी
पुलिस हिरासत में दक्ष ने बताया कि वह शादीशुदा है। उसके दो बच्चे भी हैं लेकिन माही भी उसकी ही जिम्मेदारी है। वह माही का ख्याल रखेगा और वह गलत नहीं है। दोनों के बीच में कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद उसने रेखा को मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था।

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