हल्द्वानी: धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा… नहीं हुआ ऐसा तो करेंगें भारत बंद
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क में जीएसटी की तकनीकी खामियों और जीएसटी काउंसिल के मनमाने फैसलों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि जीएसटी काउंसिल ने व्यापारी विरोधी फैसले नहीं लिए गए तो भारत बंद का आह्वान किया जाएगा। प्रांतीय अध्यक्ष नवीन …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क में जीएसटी की तकनीकी खामियों और जीएसटी काउंसिल के मनमाने फैसलों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि जीएसटी काउंसिल ने व्यापारी विरोधी फैसले नहीं लिए गए तो भारत बंद का आह्वान किया जाएगा।
प्रांतीय अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि जीएसटी की कमियों के विरोध में व्यापार मंडल की 375 ईकाईयां अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंन कहा कि जीएसटी की धारा 29 या 21 ए में राज्य कर अधिकारी बिना व्यापारी के पक्ष जाने उसका पंजीयन निरस्त कर सकता है। विक्रेता अगर रिटर्न नहीं भरे तो क्रेता का आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रोक दिया जाएगा। इसी तरह ई वे बिल को 100 के बजाय 200 किमी क्यों किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ का घाटा दिखाने वाली कंपनियों का ऑडिट नहीं किया जा रहा है जबकि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है।
प्रदेश जीएसटी प्रभारी राजेश अग्रवाल ने कहा कि नियम 86 बी 5 लाख मासिक बिक्री वाले व्यापारियों का आईटीसी 99 प्रतिशत पर ही स्थिर कर दिया गया है जो कि सरासर गलत है। वहीं इस नियम की सरकारी संस्थानों पर छूट है जो कि व्यापारियों के साथ असंगत है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के इंस्पेक्टर के अलावा मंडलीय अधिकारी भी दुकानों पर छापामारी कर रहे हैं। पैकेट वाले खाद्यों के लिए भी व्यापारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जो कि सीधे तौर पर व्यापारी वर्ग का उत्पीड़न है।
इस दौरान विपिन गुप्ता, हर्षवर्द्धन पांडे, लाला जायसवाल, शांति जीना, दिनेश अग्रवाल, योगेश शर्मा, पवन वर्मा, मनोज जायसवाल, कृष्णा फुलारा, कौशलेन्द्र भट्ट, विनीता शर्मा, मनीष कुमार अग्रवाल, प्रताप जोशी, निशांत वर्मा, संदीप गुप्ता, संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे।
विकास प्राधिकरण के विरोध में भी होगा प्रदर्शन
प्रांतीय अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण भी भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। प्राधिकरण के नाम पर व्यापारियों को दुकानों की मरम्मत नहीं करने दी जा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में तो बहुत बुरा हाल है जहां तंग गलियां हैं वहां तकनीकी कमियां निकाल कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। जल्द ही इसके विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा।
ये भी हैं मांगें
1-ऑन लाइन कंपनी के लिए भी नीति और कानून बनाया जाए
2- एकल ब्रांड स्टोर को भी साप्ताहिक बंदी में शामिल करो या व्यापारी को भी राहत दो
3- पॉलीथिन बनाने वालों पर कार्रवाई
4- अंतिम तिथि के एक माह पूर्व नवीनीकरण नहीं होने पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी बंद की जाए
5- जीएसटी अपील में जाने पर 25 प्रतिशत राशि क्यों ली जा रही हैं।
